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छत्तीसगढ़ एक्जीबिटर का सत्यम एकल निर्णय से कैसे बिक सकता है

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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। नजूल सीट नंबर 24 के प्लॉट नंबर 8 बटांकन में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम का कंपनी रिटेल आउटलेट की भूमि, भूस्वामी कस्तूरी राव और क्रेता देवीदास वाधवानी धन 5 ने तथ्यों को छुपाते हुए क्रय विक्रय की चलता हुआ पेट्रोल पंप 6 टुकड़ों में बेच दिया गया। जबकि भूस्वामी पूर्व कांग्रेस नेता अशोक राव और अन्य ने कंपनी के साथ जो इकरार किया था उसमें स्पष्ट था यदि भूस्वामी भूमि को बिक्री करना चाहेगा तो पहली प्राथमिकता एचपी को मिलेगी पर ऐसा नहीं हुआ। भू स्वामणी ने चलते हुए पेट्रोल पंप की जमीन को बगैर कॉलोनाइजिंग लाइसेंस 6 टुकड़ों में बेच दिया। क्रेता ने रजिस्ट्री में फेक चौहद्दी का विवरण देते हुए संपत्ति पंजीयन भी कराया पंजीयन उपरांत नजूल दफ्तर में भेंट, चढहोत्री के बल पर 15 कार्य दिवस के भीतर नामांतरण भी करवा लिए नामांतरण प्रकरण में अनिवार्य रूप से 18 , 4 का बयान और आरआई रिपोर्ट वास्तविक तथ्यों से हटकर पेश की गई पूरा प्रकरण अभी भी राजस्व कमिश्नर की कोर्ट में लंबित है। यहां पर एचपी पेट्रोल पंप में हुई संदिग्ध खरीदी बिक्री का उल्लेख इसलिए करना जरूरी है कि इसी नजूल सीट नंबर 24 पर सत्यम परिसर की 46000 स्क्वायर फीट भूमि स्थित है और इस भूमि का टाइटल डीड छत्तीसगढ़ एग्जीक्यूटर के नाम से है । इस फर्म में कस्तूरी राव उनकी तीन बेटियां और अन्य भागीदार ई रमेंद्र राव बड़े भागीदार हैं। न्यायालय प्रकरणों की जानकारी के अनुसार फर्म के भागीदारों के बीच पिछले 10 साल से अकाउंट सेटलमेंट नहीं हुआ वर्ष 2014-15 सत्र न्यायालय बिलासपुर में ई रमेंद्र राव के पक्ष में आदेश जारी करते हुए कहा कि भागीदार फर्म में उनका नाम पुराने पूरे दावों को संयोजित करते हुए जोड़ा जाए। यह प्रकरण भी माननीय उच्च न्यायालय में अभी लंबित है। सत्यम परिसर का लीज नवीनीकरण ई रमेंद्र राव की आपत्ति के कारण नजूल न्यायालय में लंबित है। इतना ही नहीं पक्षकारों के अधिवक्ताओं ने एक से अधिक बार माननीय न्यायालय में यह कथन किया कि जब तक न्यायालय में वाद लंबितहहै, संपत्ति का विक्रय नहीं किया जाएगा पर बाजार सूत्र की मानें तो यह संपत्ति इन दिनों खरीदी बिक्री के फाइनल राउंड में है और जिन्होंने पेट्रोल पंप खरीदा था वही नियमों को फिर से तोड़ मरोड़ कर सत्यम परिसर खरीदने जा रहे हैं।