No icon

24hnbc

क्या है ईडी कब बनी और वास्तविक कार्य

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। ईडी की स्थापना 1956 में हुई। किंतु पिछले 5 वर्षों में भारत देश की गली-गली में ईडी का नाम बच्चा बच्चा जानता है, इसलिए मेरे आपके घर इसका समन पहुंचे या न पहुंचे संस्था के बारे में आधारभूत जानकारी आवश्यक है। ईडी का हिंदी फुल फॉर्म प्रवर्तन निदेशालय है। स्थापना 1 मई 1956 आर्थिक कार्य विभाग के नियंत्रण में एक प्रवर्तन इकाई के रूप में हुई । 57 में इकाई का नाम बदलकर प्रवर्तन निदेशालय कर दिया गया। शुरुआत में ईडी वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अधीन था। 1960 में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के नियंत्रण में आ गया। मुख्यालय दिल्ली में है। 5 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जो मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली और चंडीगढ़ है। क्षेत्रीय कार्यालय में विशेष निर्देशक बैठते हैं । ईडी के पांच कानून हैं प्रवेशक ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 इसके तहत धन शोधन के अपराधों की जांच होती है विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 जिसे फेमा के नाम से जाना जाता है, भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 1918 नीरव मोदी, विजय मालिया के प्रकरण इसी के तहत आते हैं। निरस्त विदेशी मुद्रा विनियमन 1973 विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी अधिनियम 1974 ईडी को काले धन के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों को गिरफ्तार करने मुकदमा चलाने अपराधिक कार्यों से प्राप्त संपत्ति को जब्त करने का अधिकार है। किसी भी पुलिस स्टेशन में यदि 1 करोड़ रुपए से अधिक की आय अर्जित करने संबंधित आपराधिक मामला होता है तो ऐसी स्थिति में ईडी कार्यवाही करता है। प्रवेशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट की धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध की सुनवाई के लिए केंद्र सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से 1 या उससे अधिक सत्र न्यायालय को विशेष न्यायालय के रूप में नामित कर सकता है अर्थात ईडी की विशेष अदालत हो सकती है।