No icon

24hnbc

बड़े ओहदे दार की भूमि, नतमस्तक है राजस्व अमला

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। आर्थिक असमानता भारत में आज की बात नहीं है, एक समय था जब मालगुजारी प्रथा के कारण गांव के किसी एक व्यक्ति के पास सैकड़ों एकड़ जमीन होती थी और बाकी लोग खेतों पर मजदूरी करते थे दो ऐसे मौके आए जब सरकारों ने सीलिंग एक्ट का उपयोग करते हुए किसी एक व्यक्ति के पास अधिकतम कृषि भूमि कितनी होगी, इस पर कानून बना दिया। जैसे ही कानून बना गांव-गांव में खलबली मच गई जिन्हें मौका पड़ा उन्होंने जमीन को बचाने के लिए अपने नौकर चाकर तक के नाम पर जमीने चढ़ा दी। उसके बावजूद सीलिंग एक्ट के कारण सरकारी खाते में बहुत सी जमीनें आई, एक ऐसी ही कहानी ग्राम दोमुहानी से जुड़ी हुई है। 2001 के पूर्व ही ग्राम दोमुहानी का क्षेत्र शैक्षणिक हब बनने लगा था जिन जमीनों को कोई कौड़ियों के दाम नहीं पूछता था उनकी कीमतें बढ़ने लग गई क्षेत्र की जमीनें दूसरी बार बेशकीमती तब हुई जब यह क्षेत्र नगर पालिक निगम बिलासपुर का हिस्सा बना और वार्ड नंबर 46 बन गया। आज एक बार फिर से इस क्षेत्र में बिलासपुर तहसीलदार अपने अमले सहित पहुंचे थे और साथ में बड़ी संख्या में पुलिस बल था। ग्रामीण बताते हैं की लगभग 9 एकड़ जमीन एक ऐसे व्यक्ति के नाम आ गई है जो न्यायिक क्षेत्र का बड़ा ओहदेदार है । लिहाजा राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी हर तरह से स्वीकारोक्ति की मुद्रा में यहां खड़े रहते हैं। बड़े आदमी की जमीनों के आसपास आम आदमी की जमीनें भी हैं। कुछ के पास 1977 का पट्टा है कुछ के पास नहीं है सब की सांसें हम ही रहती हैं जाने कब सत्ता का बुलडोजर किस का मकान ढ़ह दे ।