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कालीचरण तो है मोहरा असल चाबी किसके पास....
- By 24hnbc --
- Thursday, 30 Dec, 2021
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। अंततः रायपुर पुलिस ने मध्य प्रदेश खुजराहो जाकर कालीचरण को गिरफ्तार कर ही लिया उनके विरुद्ध धारा 294, 505(2) , 153(a), 153(b) , 295(a) , को जोड़ लिया गया है । मध्य प्रदेश के गृहमंत्री कालीचरण की गिरफ्तारी 30 दिसंबर 2021 के बाद से ही उसे संघीय व्यवस्था पर चोट बता रहे हैं कह रहे हैं कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने सूचना नहीं दी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने उन्हें जवाब दिया है। इन दिनों जिस तरह से देश के भीतर हिंदू धर्म के कुछ उग्र बोल बोलने वाले व्यक्तियों को जिस तरह से एक राजनीतिक दल के द्वारा समर्थन दिया जा रहा है कहीं कहीं पर तो इन्हीं के हाथों में सत्ता भी है तो ऐसे में धर्माचार्ययों को समझना चाहिए कि वे किसी अन्य के मोहरे क्यों बनते हैं। रायपुर की धर्म सभा में कालीचरण ने जो कुछ कहा उसके पीछे भी कुछ ऐसा ही है बोलने वाला बोल गया उसके बाद छत्तीसगढ़ छोड़ते ही उसने फिर से एक नया वीडियो बनाया और कहा कि उसने गांधीजी के बारे में जो कुछ कहा उसका उसे कतई अफसोस नहीं है। कालीचरण के विरुद्ध अब तक छत्तीसगढ़ में और महाराष्ट्र में भी एफआईआर हो चुके थे प्राप्त जानकारी के आधार पर कालीचरण महाराष्ट्र का निवासी है किंतु वह महाराष्ट्र न जाकर मध्य प्रदेश गया निश्चित ही उसे मध्य प्रदेश के द्वारा कोई भरोसा दिया गया होगा। मध्य प्रदेश सरकार को अपने मेहमान की इतनी ही चिंता थी तो मेहमान को विधिक सहायता भी उपलब्ध करा देनी थी कालीचरण के फॉलोवर्स को चाहिए था कि वो उसे किसी भी गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें तुरंत ही मध्य प्रदेश की किसी न्यायालय ट्रांजिट बेल के लिए आवेदन कराते न्यायपालिका के प्रति सबको समान है यदि ट्रांजिट बेल मिल जाती तो कालीचरण जी को गाजे बाजे के साथ जैसा कि आजकल परंपरा हो गई है वाई श्रेणी की सुरक्षा देकर छत्तीसगढ़ की और रवाना कर देते अब जब भारतीय जनता पार्टी खुलकर कालीचरण के साथ दिखाई देती है तो ऐसा होने में कोई बुराई भी नहीं है जब संतों का उपयोग कर ही रहे हैं तो उन्हें पूरी तरीके से न्यायिक सुरक्षा के लिए एक विधि विशेषज्ञों की टीम भी रख लेना चाहिए किंतु ऐसा नहीं है यहीं से यह पता चलता है कि कुछ राजनीतिक दल केवल धार्मिक उन्माद का जहर फैलाना चाहते हैं असल धर्म और अध्यात्म से उनका सरोकार नहीं है। इस विश्लेषण में हमने धर्म सभा शब्द का उपयोग किया है क्योंकि हमारा मानना है कि देश के भीतर एक ही संसद है और वह है लोकसभा अन्य को संसद शब्द का उपयोग नहीं करना चाहिए।


