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पीएससी में पारदर्शिता से लौटा युवाओं का भरोसा, अब चयनित युवा गर्व से घूम रहा गांव में ...... तोमर

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बिलासपुर, 4 अक्टूबर 2026।
आज के पहुना कार्यक्रम मे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि से वार्तालाप में उन्होंने बताया की छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) की चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों ने युवाओं का व्यवस्था पर से भरोसा डगमगा दिया था। पिछले पांच वर्षों में ब्यूरोक्रेट्स और राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोगों के चयन के आरोपों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में यह धारणा घर कर गई थी कि मेहनत के बावजूद अवसर पहले से ही तय हैं। अब सरकार के पौने तीन साल के कार्यकाल में इस टूटे भरोसे को फिर से बहाल करने का दावा किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुंना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और युवाओं के आत्मविश्वास को लौटाना है।
तोमर ने कहा, "शिक्षा रोजगार और स्वरोजगार का सबसे बड़ा माध्यम है। एक युवा 10, 15 से 20 साल तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना समय देता है। ऐसे में यदि उसे यह महसूस हो कि वह जिस पद के लिए मेहनत कर रहा है, वह अवसर पहले से ही किसी और के लिए आरक्षित है, तो उसका सरकार और सिस्टम से विश्वास उठना स्वाभाविक है। वर्तमान सरकार ने इसी विश्वास को बहाल करने के लिए लगातार काम किया है।"
युवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आए दो पीएससी परिणामों में बदलाव साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां चयनित युवाओं को सवालों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब चयनित युवा अपने गांव में माला पहनकर गर्व से घूम रहा है। चौक-चौराहों पर उसका स्वागत हो रहा है। उसे छिपने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उसे भरोसा है कि वह अपनी मेहनत के दम पर इस मुकाम तक पहुंचा है। उन्होंने इसे व्यवस्था पर लौट रहे विश्वास की बड़ी उपलब्धि बताई।
तोमर ने बताया कि युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए सरकार हर जिले में मुफ्त प्रशासनिक सेवा और पीएससी कोचिंग शुरू करने की दिशा में प्रयास कर रही है, ताकि आर्थिक तंगी किसी प्रतिभाशाली युवा की तैयारी में बाधा न बने।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ युवाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए मोटिवेशनल कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। बिलासपुर, रायपुर और अंबिकापुर में छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरित करने के लिए ‘सुपर-30’ के संस्थापक आनंद कुमार को भी आमंत्रित किया गया।
युवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं को सिर्फ शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि खेल प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए ‘युवा रत्न’ और ‘खेल रत्न’ सम्मान के माध्यम से प्रतिभावान युवाओं को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां युवा रत्न सम्मान दिया जा रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि युवाओं के मार्गदर्शन, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उनकी प्रतिभा को मंच देने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं। सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था बनाना है, जहां युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के भरोसे आगे बढ़ सके।