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आखिर शहर की जनता मंत्री जी के मुखारविंद से ध्वजा रोहण पश्चात क्या सुनना चाहती है

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बिलासपुर, 14 अगस्त 2026 
राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर कहा जाने वाला बिलासपुर 15 अगस्त को ध्वजारोहण पश्चात मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन लाल साहू से क्या सुनना चाहता है। कई सालों से बिलासपुर के नागरिक लगातार राघवेंद्र राव सभा परिसर में हवाई यात्राओं के लिए संघर्षरत हैं। यह संघर्ष आंदोलन हर तरह से उपाय कर चुका। राजधानी से लेकर दिल्ली तक और कोर्ट के मार्फत भी हवाई अड्डे और उसके विस्तार के लिए हर तरीका अपनाया जा चुका है पर वैसी सफलता नहीं मिलती जैसी अपेक्षित थी। दूसरी ओर साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे का जोन मुख्यालय बिलासपुर में है पर मेगा टर्मिनल योजना से इसे बाहर रखा गया है। तो दोनों मोर्चे पर बिलासपुर को हांसिए पर डाल दिया गया इस बात का भी ध्यान रखें कि बिलासपुर में हाई कोर्ट, सीसीएल का मुख्यालय, एनटीपीसी की परियोजना हैं उसके बावजूद अब यहां से सुविधाओं को बिस्तर नहीं विराम दिया जा रहा है। कहते थे डबल इंजन शहर ने तो प्रधान सेवक की शक्ल देखकर विधायक और मेयर तक एक ही राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी का बनवा दिया पर बदले में क्या मिला.... केंद्रीय राज्य मंत्री जो बिलासपुर का संसदीय प्रतिनिधित्व करते हैं। संसद का सत्र समाप्त होने के पहले केंद्रीय गृह मंत्री को नक्सली मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बधाई देते हैं पर जोन मुख्यालय को एक आदत टर्मिनल नहीं मिलता इसके पहले वे कटघोरा, रतनपुर रेल परियोजना का पूरा श्रेय लेते हैं। जगह-जगह बैनर पोस्टर लगाते हैं आम जागरूक नागरिक जानता है कि यह रेल परियोजना पूर्व से ही स्वीकृत थी तो केंद्रीय मंत्री का श्रेय लूटने का कारण राजनीतिक ही हो सकता है और वे अपनी ही पार्टी के प्रतिस्पर्धियों के बीच हीरो बन रहे हैं। कारण साफ है मुंगेली के विधायक डिप्टी सीएम है और वे अपनी विधानसभा और जिला मुख्यालय के स्थान पर अपनी पूरी राजनीतिक गतिविधियां बिलासपुर से ही संचालित करते हैं और बिलासपुर में ही भारतीय जनता पार्टी के अन्य विधायक जैसे बिलासपुर अमर अग्रवाल, तखतपुर धरमजीत सिंह, बिल्हा धरमलाल कौशिक, बेलतरा सुशांत शुक्ला, के बीच की दौड़ में कोई पीछे कैसे रह सकता है यही कारण है कि केंद्रीय राज्य मंत्री चाहे बिहार में हो, असम में हो या कहीं और उनके कार्यक्रमों की खबर बिलासपुर के दैनिक अखबारों में जरूर छपती है। पर अभी हाल ही में जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की छोड़ी हुई सीट पर बीजेपी हारी तो किसी भी नेता ने नहीं बताया कि उसे हारी हुई विधानसभा सीट पर क्या उन्हें कोई काम नहीं सोपा गया था। इस बार बिलासपुर में बारिश कम हुई है। कम बारिश में भी स्मार्ट सिटी की फिसड्डीपन हमने देखी है उसे समय शहर विधायक, केंद्रीय राज्य मंत्री और डिप्टी सीएम शहर के भीतर सक्रिय नजर नहीं आए। तब उन्होंने नाव में बैठकर जलमग्न क्षेत्र की यात्रा नहीं की जबकि यही नेता शहर की नदी अरपा में क्रूज चलाने के नाम पर बड़ा कार्यक्रम करते हैं। पर जिस दिन स्मार्ट सिटी थोड़े से बारिश में डूबी तो नाव में कोई नजर नहीं आया।
15 अगस्त को जब माननीय मंत्री जी संबोधन करेंगे तो शहर की जनता चाहती है कि उसका वाजिब हक मेगा टर्मिनल और हवाई उड़ानों से भरपूर हवाई अड्डा उसे मिले। अन्यथा चुनाव के वक्त जनता देखेगी कि किसने बंदर नचाया और मदारी कौन है।