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विधायक चुने व्यापारी नहीं

केवल कका का कुर्ता क्यों हो दागदार, लपेट लिया हरियाणा की बेटी को

24hnbc.com
बिलासपुर, 9 नवंबर 2023।
काफी दिन से बिलासपुर की खबरों में महापौर रामशरण यादव और और बिलासपुर जिला ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष अरुण तिवारी के इस ऑडियो क्लिपिंग का इंतजार हो रहा था बेलतरा की टिकट कांग्रेस डील नवरात्रि के पूर्व की है। इस ऑडियो क्लिपिंग के पीछे की स्क्रिप्ट को समझें। कांग्रेस की राजनीति में छत्तीसगढ़ का छत्रप प्रदेश के मुख्यमंत्री का चेहरा लगातार दागदार हो रहा था। प्रदेश में कांग्रेस के पूर्व प्रभारी पूनिया जी भी पर्याप्त रूप से चर्चित थे उन्हीं के कुशल निर्देशन में कांग्रेस ने 2018 का चुनाव जीता था। खरीदी बिक्री के आरोप तब भी लगे थे। एक ऑडियो भी वायरल हुआ था कहा जाता है उसे ऑडियो में तो आवाज पूनिया जी की ही थी ऐसा दावा किया गया था। उसके बावजूद कांग्रेस जीती और पूनिया जी ने मजे के साथ लंबा कार्यकाल किया। अंतिम कुछ महीनो में फेर बदल का चक्र ऐसा चला कि पहले पूनिया गए शैलजा आई मरकाम को धक्का दिया गया और बैज को आया गया। लेनदेन के आप एक ही चेहरे पर क्यों लगे कुछ सह अभिनेता भी होने चाहिए। ऐसे में गांधी परिवार के निकट का चेहरा पसंदीदा होता है। सो शैलजा फिट हो गई। हरियाणा का कोई स्कूल बताया जाता है कहानी लिखने वाले ने छोटी सी गलती कर दी है प्रभारी के पिता का देहांत काफी दिन पूर्व हो चुका है। ‌ बाकी तो ठीक-ठाक है पर कका ने अपने दो ओबीसी मित्रों को दगा क्यों दिया। लाला को तो टिकट दी वह भी कांग्रेस के गढ़ से और ओबीसी वर्ग के साथ खेल कर दिया। जिसने कमाया था उसने टिकट खरीदी बुरा तो संगठन के अन्य पदाधिकारी को मनाना चाहिए कांग्रेस भवन की जमीन गफलत में है। जमीन गफलत में है तो भवन भी संदेह के घेरे में है तभी तो टिकट पक्की हो गई। सफलता के कुछ लेटेस्ट सूत्र वाक्य हैं जिद करो दुनिया बदल डालो, डर के आगे जीत है, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा अगर खपरी में डर गए होते तो टिकट की जीत कैसे मिलती। पर आम जनता के लिए दो प्रश्न हैं पहला प्रश्न बिलासपुर के मतदाताओं के लिए, जिन दो नेताओं ने नगर निगम के खजाने को लूट लूट कर बेलतरा को पोसा उन्हें सबक सिखाना है और दूसरा जो टिकट खरीदे सकता है वो किसी को कभी भी बीच भी देगा ऐसे में नेता चुने सेवक चुने व्यवसाई नहीं।