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खड़गे गांधी इसी संगठन के लिए रात - दिन एक कर रहे हैं, बिलासपुर कांग्रेस का संगठन न सुधारा था न सुधरेगा
- By 24hnbc --
- Sunday, 29 Oct, 2023
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बिलासपुर, 29 अक्टूबर 2023।
30 अक्टूबर को बिलासपुर जिले और बिलासपुर शहर पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका वाड्रां गांधी की चुनावी सभा है। आचार संहिता के पहले इसी जिले में राहुल गांधी भी आए थे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार छत्तीसगढ़ का दौरा कर रहे हैं। राष्ट्रीय समीक्षाओं में बार-बार जब कहा जाता रहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस आसानी से भारी बहुमत के साथ सरकार बना रही है पर यह कहना आसान नहीं है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज राहुल प्रियंका क्या स्वयं मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने के लिए यह मेहनत कर रहे हैं। बिलासपुर में कांग्रेस भवन की भवन ही नहीं संगठन की हालत देखकर ऐसा नहीं लगता। आखिर पार्टी के बड़े नेता इस दरकते हुए जिला संगठन की हालत पर कभी गौर क्यों नहीं फरमाते पार्टी कभी अपने संगठन के बल पर चुनाव लड़ पाएगी लगता नहीं है लोग यह कहते हैं जिला ग्रामीण अध्यक्ष को विधानसभा चुनाव का प्रत्याशी बना दिया गया इसलिए संगठन बिखरा नजर आ रहा है। सुस्त है पर यह पूरा सच नहीं है बिलासपुर संगठन की हालत हमेशा से ऐसी ही रही तभी तो 2018 की कांग्रेस लहर में भी जिले से पार्टी को सिर्फ दो सीट पर जीत मिली यहां यही स्थिति है। प्रत्याशी को अपना चुनाव स्वयं लड़ना पड़ता है फिर चाहे प्रत्याशी कोई भी हो सकते हैं संगठन मदद के स्थान पर प्रत्याशी पर लद जाता है।
कल जब प्रियंका बिलासपुर आ रही है कार्यालय की हालत देखिए जिला ग्रामीण अध्यक्ष के कमरे में ताला लगा है। शहर अध्यक्ष का कमरा खाली पड़ा है। चुनाव की घोषणा के बाद आज तारीख तक जिला संगठन में
किसी भी पदाधिकारी ने कभी भी मीडिया से रूबरू होना जरूरी नहीं समझा। पार्टी की किसी भी कार्यक्रम की जानकारी मीडिया को बुलाकर औपचारिक रूप से नहीं दी गई तुलनात्मक दृष्टि से देखें भारतीय जनता पार्टी का संगठन बेहद चुस्त दुरुस्त लगातार मीडिया के साथ संमजस बिठालते हुए 24 घंटे कार्यरत नजर आते हैं। वरिष्ठ नेता लगातार अलग-अलग मुद्दों पर पत्रकारों से मिलते हैं। लगातार प्रेस ब्रीफिंग होती है भाजपा को इसका लाभ भी प्राप्त हो रहा है। उनका चुनाव प्रचार प्रत्याशियों की गतिविधियां बेहतर तरीके से परंपरागत मीडिया, डिजिटल मीडिया में स्थान पा रही है। आम जनता यह कहने से नहीं थकती जब 5 साल की अवधि में जिला कांग्रेस अध्यक्ष उनकी सरकार होते पार्टी के लिए एक भवन नहीं बनवा सके वह विधायिका में पहुंच कर क्षेत्र के लिए क्या कर लेंगे।
उत्तरदायित्व केवल जिला संगठन का नहीं है इन आरोपों के छिटे जिले के प्रभारी मंत्रियों पर भी पढ़ते हैं। राहुल गांधी प्रियंका गांधी की मदद से कांग्रेस सत्ता में फिर से आ भी जाए पर संगठन न खड़ा हुआ है न होगा। संगठन के साथ-साथ बड़े नेता जी सेवा दल को पार्टी की रीड बोलते हैं उनके दफ्तर में भी ताला है। यदि आम जनता कहीं ताला डालने पर उतारू हो गई तो जिले में इस संगठन के भरोसे एक सीट कांग्रेस के खाते में नहीं जा सकती। याद करें पिछले लोकसभा की प्रचंड हर के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पद छोड़ दिया था नैतिक जिम्मेदारी ली थी पर हाय रे बेशर्म संगठन छत्तीसगढ़ में लोकसभा सीटों पर शर्मनाक प्रदर्शन के बावजूद संगठन के किसी भी पदाधिकारी ने राहुल गांधी के साथ उनके समर्थन में पद छोड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। अभी भी जिला संगठन में वैसे ही लोग काबिज हैं विधानसभा प्रत्याशी बन चुके हैं पर संगठन के पद से इस्तीफा नहीं दिया जाता। प्रत्याशी बने का चुनाव लड़ने का इतना ही शौक था तो 6 माह पूर्व ही संगठन को टाटा बाय-बाय कर लेते। किसी अन्य को पद दे देते तो आज कमरे में दफ्तर में यूं ताला पड़ा नजर नहीं आता।


