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आरएसएस के सामने आखिर समर्पण करना पड़ा प्रदेश भाजपा को

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बिलासपुर, 22 सितंबर 2023।
21 सितंबर को देश के गृहमंत्री अमित शाह का रायपुर आना तय था कहा जा रहा था उनके आने के साथ भारतीय जनता पार्टी की शेष बची हुई विधानसभा प्रत्याशी सूची फाइनल हो जाएगी। वे नहीं आए करण सांसद का सत्र बताया जा रहा है पर असल कारण आरएसएस और भाजपा के बीच प्रत्याशियों पर आम राय न बना है। इसी संदर्भ में कल रायपुर रोहिणी बिहार स्थित जागृति मंडल में आरएसएस के बड़े नेताओं की भाजपा के नेताओं के साथ एक बैठक हुई, और यही कारण है कि अमित शाह 21 तारीख को रायपुर नहीं आए। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्वकर्ताओं ने विधानसभा चुनाव के काफी पहले सबको अचंबे में डालने की नीयत से 21 उम्मीदवारों की एक सूची जारी कर दी। बताया जाता है कि इस सूची के प्रत्याशियों के नाम चयन में आरएसएस की कोई राय नहीं ली गई और यही कारण है कि आरएसएस की सीधी नाराजगी भाजपा के नेताओं के पास पहुंची। 21 की सूची जैसे-जैसे समय बिता परिणाम दिखने लगी फीडबैक तो इतना खराब आया कि 21 में से 16 स्थान पर हर की संभावना जाता दी गई इतना ही नहीं प्रतिस्पर्धी इतना अधिक वक्त मिला। की 21 स्थान पर एक-एक समीकरण को समझकर जीत का पूरा समीकरण तैयार कर लिया गया ऊपर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नाराजगी के चलते अंततः भाजपा को समर्पण करना ही पड़ा और अब शेष विधानसभा सीट पर प्रत्याशी का नाम बगैर आरएसएस सहमति घोषित नहीं होगा। कल की बैठक में आरएसएस के राष्ट्रीय सह सर कार्यवाह क्षेत्रीय प्रचारक के दीपक विस्पुते, प्रेम शंकर सिदार, प्रांत संघचालक डॉक्टर पुरेंद्र सक्सेना भाजपा की ओर से राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री, प्रदेश के संगठन प्रभारी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री शामिल हुए यदि नाम की चर्चा की जाए तो शिव प्रकाश, ओम माथुर, अजय जमवाल, पवन साय और नितिन नवीन ने बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक के बाद यह तय है कि शेष सूची एक बार में जारी नहीं होगी। और पिछली 21 की सूची में एक छोटा फिर बदल भी होगा।