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नाम से ना ही टिकट पक्की ना जीत, प्रक्रिया में आना ही होगा
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बिलासपुर, 16 अगस्त 2023।
बिलासपुर जिले की दो विधानसभा सीट बेलतरा और कोटा में प्रत्याशी आपस में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। दोनों विधानसभा क्षेत्र की सड़क पर कांग्रेस टिकट दावेदारों की प्रतिस्पर्धा वाल पेंटिंग और पोस्टर पर देखी जा सकती है इस प्रतिस्पर्धा में बिलासपुर नगर पालिक निगम के महापौर रामशरण यादव, पर्यटन निगम के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, एमआईसी सदस्य व ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष विजय केसरवानी और त्रिलोक श्रीवास, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण चौहान कोई किसी से पीछे नहीं है। हम सिर्फ दो विधानसभा क्षेत्र बेलतरा और कोटा की चर्चा कर रहे हैं। यह दोनों सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है बड़े नेताओं की दावेदारी के बीच सामान्य कार्यकर्ता जो वर्षों से कांग्रेस की सेवा में लगे हैं उनको कोई पूछ ही नहीं रहा है ऐसे दावेदारों को आज उस समय राहत मिली जब पार्टी की प्रदेश प्रभारी ने कहा कि किसी नेता का कोई कोटा नहीं और टिकट का दावेदार चाहे वह कितना ही बड़ा नेता हो प्रक्रिया से ही आना होगा। पहले बेलतरा में दावेदार खुलकर अपनी इच्छा व्यक्त कर रहे थे पर जैसे ही मुख्यमंत्री के सलाहकार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुए बेलतरा के दावेदारों की हिम्मत जवाब देने लगी, परिणाम यह हुआ कि बेलतरा के दावेदार कोटा की ओर प्रस्थान करने लगे जैसे कोटा कांग्रेस के लिए सुरक्षित सीट है उन्हें लगता है कि यहां से जेसीसीजे की विधायक पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ अजीत जोगी की पत्नी वाक ओवर दे रही है। जबकि इस बात की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है एकमात्र स्वास्थ्य का पाया छोड़ दें तो आज भी रेणु जोगी कांग्रेस के किसी भी प्रत्याशी पर 20 ही पड़ती है। हाल ही में कांग्रेस के जिला स्तर के एक पदाधिकारी का जन्मदिन कोटा के मिट्ठू नवागांव में मनाया गया क्योंकि उनका जन्मदिन 14 अगस्त के दिन है इसलिए उन्होंने इस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या का संगठन कार्यक्रम कहलाया इस बात को लेकर कोटा विधानसभा क्षेत्र के दो ब्लॉक कोटा और रतनपुर के पदाधिकारियों के बीच असंतोष के सूर भी निकले और यह सो लिखित में भी आगे बढ़ाए गए कुछ लोगों का स्पष्ट कहना है कि संगठन में बड़ा पद और टिकट का दवा एक साथ नहीं किया जा सकता। दावेदारों के बीच अवसर की समानता होनी चाहिए जिसे टिकट चाहिए हो वह टिकट को रिकमेंड करने वाला ना बने यदि यह कम ज्यादा दिन चला तो संगठन कमजोर होगा और संगठन के पदाधिकारी टिकट प्रत्याशी के बीच भेदभाव करेंगे। कोटा रतनपुर में कांग्रेस के टिकट दावेदार जोर-जोर से अपना नाम फोटो और कहीं-कहीं मोबाइल नंबर प्रदर्शित कर रहे हैं कहानी दावेदार अकेला है कहीं दावेदार ने अपने साथ अपने समर्थकों का चेहरा दिखा कर अपना संख्या बल हाई कमान को दिखाया है इस चेतावनी के साथ यदि टिकट नहीं मिला तो.........
कांग्रेस के बड़े नेता भले ही सरकार दोबारा बनाने को लेकर अस्वस्थ दिखने की कोशिश करें पर वह ये जानते हैं कि उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और उनके कप्तान द्वै मोदी और शाह से है और उन्हें 2003 भी याद होगा जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने चुनाव पूर्व छत्तीसगढ़ में डेरा डाल दिया था। मतदान के दिन ही मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने चुनाव मतदान केंद्रीय बालों की भूमिका पर गंभीर सवाल किए थे कांग्रेस का हाई कमान जानता है जंगल की लड़ाई में कार्यकर्ता कम नहीं आते ऐसे में मैदानी क्षेत्र की एक एक सीट चाहे वह कोटा हो या बेलतरा पर उसे योग्य प्रत्याशी ढूंढना होगा नाम विजय होने से चुनाव में जीत पक्की नहीं होती।


