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हार्डिंग को छोड़कर नेता आ गए बस्ती में

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बिलासपुर, 9 अगस्त 2023।
 राजनीति में कयास नहीं लगाए जाते बिलासपुर विधानसभा में दो राजनीतिक दल एनसीपी और आप अब पोस्टर से उतर कर सड़क नापने पर लग गए हैं। 6 महीने पूर्व तक दोनों राजनीतिक दल के नेता एनसीपी के प्रदेश प्रवक्ता निलेश बिसवास और आप पार्टी की चिकित्सा नेत्री उज्जवला कराडे़ होल्डिंग में होड़ कर रहे थे। राजनीति की राह कटीली ही होती है और नेता को शीघ्र यह समझ आ जाता है जैसे ही समझ आया होर्डिंग को छोड़ सड़क नापना प्रारंभ की, पार्टी में प्रतिस्पर्धा के मामले में निलेश बिसवास की स्थिति बेहतर है उनके सामने कोई प्रतिस्पर्धी नहीं है। पार्टी में वे जिसे चाहे अपना दोस्त बना ले उलट आप में है उज्जवला कराडे़ सड़क सड़क के घूमे, चौखट चौखट, बस्ती बस्ती दिल्ली की योजनाओं का प्रचार करें अपनी टीम के साथ पर बिलासपुर में उनकी प्रतिस्पर्धी नेता उन्हीं के सामान एक दूसरे क्षेत्र में जिसे विधि कहा जाता है से अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला हैं जो भाषण बाजी से लेकर आंदोलन तक में डॉक्टर के मुकाबले 20 पढ़ती हैं। पर फिलहाल समाचार एनसीपी की चुनावी राजनीति पर है। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष का टिकट कहां से मिलने वाला है हमें नहीं पता पर बिलासपुर में पार्टी का जो घोषणा पत्र जारी हुआ है उसके मुताबिक बिलासपुर विधानसभा में एनसीपी के प्रत्याशी निलेश हैं वे सोशल मीडिया से शुरू करके अब सघन बस्तियों मे घोषणापत्र का प्रचार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में 2003 के बाद कभी भी ऐसा नहीं लगा कि एनसीपी कोई लंबी लाइन खींचेगी पर इस युवा नेता को अपने काम पर भरोसा है उसे लगता है कि शहर विकास की दौड़ में कही पीछे छूट गया शहर को, शहर के नागरिकों को छत्तीसगढ़ बनने के बाद जिस स्तर की नागरिक सुविधा, अधोसंरचना, शासन प्रणाली, उत्तरदाई जिला प्रशासन विशेषकर नगर पालिक निगम बिलासपुर मिलना था नहीं मिला और इसका उत्तरदाई व जनप्रतिनिधि जो इस शहर को प्रतिनिधित्व दे रहे थे ऐसे में कुछ दिन इस युवा नेता ने सोशल मीडिया में अपनी उपस्थिति दर्शाईं पार्टी ने प्रदेश प्रवक्ता का पद दिया था इसलिए हर मुद्दे पर बयानबाजी की पर चुनाव लड़ना है तो आम नागरिकों से मतदाताओं से संपर्क करना ही पड़ेगा। इसलिए अब सघन बस्तियों में अपना घोषणा पत्र लेकर घूम रहे हैं। उनके सामने लक्ष्य कठिन है और उससे ज्यादा कठिन है मतदाता को यह समझना कि वे जो घोषणा पत्र दे रहे हैं उसे लगु कैसे करेंगे। क्योंकि ये घोषणा पत्र चुन लिए जाने पर उन्हें ही पूरा करना है। फिलहाल तो उन्हें चांटीडीह, चिंगराजपारा, ईरानी मोहल्ला में घूम कर यह बात समझनी है कि बिलासपुर का एक वास्तविक स्वरूप यह भी है उसे लिंक रोड, स्मार्ट सिटी रोड से असल बिलासपुर बनाता है।