ऐसी रणनीतिक चूक यह उम्मीद नहीं थी बीजेपी से
भाजपा का तुरुप का पत्ता छत्तीसगढ़ में पिटने को है आतुर
- By 24hnbc --
- Tuesday, 08 Aug, 2023
24hnbc.काम
बिलासपुर, 8 अगस्त 2023।
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं है जिसे मुख्यमंत्री के रूप में पेश करके विधानसभा चुनाव लड़ा जा सके, इसलिए चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ही भाजपा का चेहरा होंगे वे पिछले महीने ही रायपुर के पास सभा कर चुके हैं अब 17 तारीख को रायगढ़ आ रहे हैं। कांग्रेस कहीं भी मुकाबले में एक भी कमजोर कड़ी छोड़ना नहीं चाहती। लिहाजा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जांजगीर चांपा में एक बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं। इसी साल प्रशासनिक के सर्जरी के बाद जांजगीर चांपा से कटकर सक्ति जिला बना है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कभी भी यह बात नहीं छुपाई कि वह दलित वर्ग से आते हैं। प्रदेश में उनका पहला कार्यक्रम दलित मतदाताओं से भरपूर क्षेत्र में हो रहा है इसके राजनीतिक मायने गहरे हैं छत्तीसगढ़ में कुल आरक्षित सीटों में यदि 29 सीट एससी श्रेणी की है तो 10 सीट अनुसूचित जाति आरक्षित है और कांग्रेस आरक्षित सीट पर विशेष ध्यान दे रही है यही कारण है कि ऐसे क्षेत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम कराया जा रहा है जहां से मैदानी राजनीति वाला पूरा क्षेत्र प्रभावित हो। बिलासपुर जिले की आरक्षित सीट जांजगीर-चांपा सक्ति की आरक्षित सीट से लेकर इस कार्यक्रम का प्रभाव रायगढ़ से आगे तक जाता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के बहाने अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को आश्वस्त करना चाहेंगे कि वे और उनकी टीम 2023 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं, और छत्तीसगढ़ में भाजपा को बड़ी पटखनी देंगे। इसी महीने की 17 तारीख को मोदी जी का कार्यक्रम है उनका कार्यक्रम रायगढ़ में है। इस क्षेत्र में कार्यक्रम का कारण पिछले विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार है। इस क्षेत्र की 19 विधानसभा सीट भाजपा ने हरी थी उनके दो मंत्री 10 एमएलए इसी क्षेत्र में पराजित हुए थे कोरबा जिले की रामपुर सीट से ननकीराम कंवर ही एक ऐसे प्रत्याशी थे जिन्होंने जीत हासिल की पर जीतने के बावजूद भाजपा ने उन्हें हाशिए पर धकेल रखा है सो इस बार भाजपा की हालत ठीक नहीं है। एसटी क्षेत्र में स्वयं को पहले से अधिक मजबूती प्रदान करने कांग्रेस ने पर्याप्त ध्यान दिया इसी कारण भाजपा के बड़े आदिवासी चेहरे नंदकुमार साय को ना केवल पार्टी प्रवेश कराया बल्कि उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया। अब रायगढ़ क्षेत्र की राजनीति ओबीसी चेहरा पूर्व आईएएस अधिकारी अमित शाह के नजदीकी ओपी चौधरी के हवाले है। एक लिस्ट देखें जहां से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। सोनहर, मनेंद्रगढ़, भरतपुर, धर्मजयगढ़, खरसिया, बैकुंठपुर, प्रेम नगर, भटगांव, प्रतापपुर, रामानुजगंज, अंबिकापुर, सामरी लुंडरा, जयपुर, रायगढ़, सारंगढ़, कुनकुरी, पत्थलगांव, धर्मजयगढ़ ये वह विधानसभा क्षेत्र है जहां से भाजपा पिछला चुनाव हार गई, ऐसे में स्पष्ट है कि प्रदेश भाजपा को केवल मोदी का सहारा है और वही मोदी और शाह यह जान चुके हैं की छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसी भी नेता में वह प्रतिभा, हौसला, आत्मविश्वास नहीं है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार को चुनौती दे सके। सो इसी महीने छत्तीसगढ़ की मतदाताओं को खरगे मोदी सो का नजारा देखने मिलने वाला है।


