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ऊपर से जोड़ते अंदर से तोड़ते निकली सीपत की मस्तूरी यात्रा

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बिलासपुर, 7 अगस्त 2023। टिकट प्रत्याशियों की महत्वाकांक्षाएं संगठन के अनुशासन को तार तार कर दिया है। टिकट दावेदार को इस बात का भान है कि जिला ग्रामीण अध्यक्ष स्वयं एक विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं यही कारण है कि वे दावेदारों पर अनुशासन का अंकुश इस्तमाल नहीं कर सकते यही कारण है कि ब्लॉक स्तर की विधानसभा क्षेत्र में शहरी नेता अपने ग्रुप के दावेदारों को मदद करने पहुंच जाते हैं। जहां पर कांग्रेस का विधायक है वहां टिकट के दावेदार खामोश हैं शेष स्थानों पर दावेदारी इस हद तक है कि जीत होगी या नहीं उसके पहले ही प्रतिस्पर्धा के चक्कर में पार्टी की भद पिट जायेगी। हर दावेदार मुख्यमंत्री को अपना बताते हुए टिकट पर दावा ठोक रहा है। यदि मुख्यमंत्री ने प्रत्याशी को कभी हेलीकॉप्टर ने घुमा दिया है तो वह स्वयं को कका का दत्तक पुत्र बताकर टिकट मांग रहा है। प्रत्याशियों की ऐसी आप आपाधापी से सरकार की कितनी योजनाओं का प्रचार हो रहा है वह तो नहीं पता, पर संगठन का अनुशासन तार तार हो रहा है। अभी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी कार्यकारणी भी नहीं बनाई है पर ब्लॉक स्तर पर दावेदार टिकट के लिए एक घंटा जाया करना नहीं चाहते, मस्तूरी ने छाया विधायक की कार्यक्रमों में ऐसी अवहेलना पहले कभी नहीं हुई जैसी मस्तूरी जोड़ो यात्रा में हुई। संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष को भी धत्ता दिखाकर पर्यटन का स्वाद चखा दिया गया है। जिला स्तर पर संगठन इतना कमजोर हो गया है कि प्रत्याशियों की दावेदारी के तौर तरीकों पर दिशा निर्देश भी जारी नहीं कर पाता इससे उलट भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों संगठन का माइक्रो मैनेजमेंट इतना सशक्त है कि पार्टी के पदाधिकारी मीटिंग के पल पल की जानकारी या तो ऊपर पहुंचा रहे हैं अन्यथा ऊपर से जानकारी ले ली जाती हैं। जरा सा संदेह होने पर वीडियो कॉल के मार्फत मोनिटर किया जाता है। बिलासपुर की दो चर्चित सीट पहली बेलतरा जो सामान्य श्रेणी की है और दूसरा मस्तूरी जो एससी वर्ग के लिए आरक्षित है बेलतरा सीट पर छत्तीसगढ़ के मुखिया की सीधी नजरे हैं इसलिए इस सीट के दावेदार पूर्व की अपेक्षा उठा पटक सीधे करते नहीं दिखाई देते पर मस्तूरी में दावेदार अपने तौर तरीके खुलकर अजमा रहे हैं। भले ही उनके तौर तरीकों से पार्टी का नुकसान हो जाए। इसे अपनी ही टिम में गोल मारना कहा जाता है और काम में मस्तूरी के दावेदार सक्रिय हैं जोड़ने के नाम पर पहले अपने प्रतिस्पधी को काटना ही इनकी योजना है। 4 साल पूर्व बिलासपुर विधानसभा में ऐसे ही गुट 10 साल से सक्रिय थे जब कांग्रेस ने वास्तविक स्थिति समझी और ताजे चेहरे को पुराने चेहरों पर तरहीज दी, तब सब को याद है की पार्टी भवन के बाहर ही किस तरह विरोध प्रदर्शन हो गया पर हाई कमान का निर्णय सही निकला पार्टी के पुराने खुदुस भवन से लेकर बाहर तक अधिकृत प्रत्याशी का नुकसान करते रहे। पर चुनाव कांग्रेस की झोली में गया ऐसे ही चेहरे खनिज संपदा से भरपूर एससी आरक्षित सीट मसूरी में इन दिनों सक्रिय हैं। वे अपनी पसंद के ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिलाना चाहते हैं जिसका हीरो बिलासपुर अंतर्गत एक थाने में हाईकमान मुर्दाबाद का नारा लगाता है जिसके साथी युवा कांग्रेस के निर्वाचित पदाधिकारी को सड़क पर पीटते नजर आते हैं ऐसे ने टिकट के लिए जोड़ने वाली यात्रा कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक नहीं नकारात्मक संदेश अंडरकरण्ट के रूप में देती हुई नजर आई।