उपमुख्यमंत्री को वापस क्यों नहीं मिला उनका मंत्रालय
मनरेगा में भ्रष्टाचार हौसला आता कहां से है
- By 24hnbc --
- Sunday, 09 Jul, 2023
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बिलासपुर, 10 जुलाई 2023। छत्तीसगढ़ में टी एस सिंह देव को उपमुख्यमंत्री बने 10 दिन से ज्यादा हो गया है। पर एक प्रश्न का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया की ग्रामीण विकास विभाग जिस मंत्रालय को उन्होंने वहां पर व्याप्त वित्तीय अनियमितता जिसे साधारण भाषा में भ्रष्टाचार कहा जाता है का प्रभाव उन्हें वापस क्यों नहीं मिला। सिंह देव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बनाए गए उपमुख्यमंत्री नहीं है। सिंह देव को उपमुख्यमंत्री का पद कांग्रेस के हाईकमान के इशारे पर मिला यह बात किसी से छुपी नहीं है। सिंह देव ने जब ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी उठाने से मना किया था उस समय उन्होंने अपने द्वारा लिखे गए पत्र में विभाग में व्याप्त कुछ वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र भी किया था जिसमें से मनरेगा का भुगतान प्रमुख रहा, यह बात समझने लायक है कि मनरेगा गांधी परिवार की ड्रीम योजना है और उस योजना में यदि वित्तीय गड़बड़ी है तो किसी ना किसी माध्यम से यह बात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के संज्ञान में अवश्य लाई गई होगी। यह भी संभव है कि जब हाल ही में दिल्ली की मीटिंग हुई और उस मीटिंग में टी एस सिंह देव को अलग से वक्त दिया गया तब यह बात निश्चित रूप से जानकारी में लाई गई उसके बावजूद मनरेगा के वित्तीय भुगतान पर आज तारीख तक किसी जांच का ना होना इशारा करता है कि छत्तीसगढ़ के नौकरशाही पर मंत्रियों का नियंत्रण नहीं है। टी एस सिंह देव ने जब ग्रामीण विकास विभाग छोड़ा तो उसकी जिम्मेदारी रविंद्र चौबे जी को मिली उन्होंने भी सिंह देव के द्वारा उठाई गई समस्याओं का निराकरण नहीं कराया 1 तरीके से इसे राहुल गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट की अवहेलना ही माना जाएगा और इससे यह संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को गांधी परिवार के चाहेती योजना मनरेगा की कोई चिंता नहीं है।


