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भीड़ और नागरिकों के बीच का अंतर नहीं समझ पाए आप के नेता

केजरीवाल लोकतंत्र के काल

24hnbc.com
बिलासपुर, 4 जुलाई 2023। 2 जुलाई 2023 के दिन बिलासपुर जिले के विधानसभा बेलतरा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्राप्त आप पार्टी के हाईकमान ने एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया कभी से कुछ अल्प ज्ञानी राजनैतिक विश्लेषक ऐसा कह रहे हैं कि सभा में आई भीड़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी का राजनैतिक समीकरण बिगाड़ सकती है पर यह दावा उचित नहीं है। क्योंकि छत्तीसगढ़ में कुल आबादी का 30% से ज्यादा एसटी वोटर है और आम आदमी पार्टी और उसके नेता संविधान में एसटी नागरिकों के संरक्षण पर अपना मुंह बंद कर लेते हैं तभी तो यूसीसी पर ये नेता भारतीय जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। इसके साथ ही साथ आम आदमी पार्टी के नेता अपने पार्टी सुप्रीमो को हमेशा भाजपा के प्रधानमंत्री के समक्ष रख कर दिखाते हैं यह बात छत्तीसगढ़ की राजनैतिक परिपक्वता रखने वाली जनता के गले नहीं उतरता अभी तो छत्तीसगढ़ की जनता को विधानसभा चुनाव में वोट डालना है उसके दिमाग में केजरीवाल को प्रधानमंत्री के रूप में देख पाना ना तो युक्ति संगत है ना भावनात्मक रूप से संभव है। लगभग 2 साल पूर्व शहरी जनता को छत्तीसगढ़ में एनआरसी मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं था पर आप पार्टी के नेताओं ने एनआरसी के मुद्दे पर खूब नारे लगवाए और बाद में उसी समाज के खिलाफ यूसीसी का समर्थन कर रहे हैं इसे मार्केटिंग का दोगलापन ना कहें तो क्या कहें हम राजनैतिक दोगलेपन की बात नहीं कर रहे हैं वह तो आम बात है आप पार्टी राजनीतिक दल से ज्यादा मार्केटिंग से चलने वाली पार्टी है। बिलासपुर में जब कभी भी आप पार्टी के नेताओं से छत्तीसगढ़ की 30% एसटी आबादी पर प्रश्न किया गया उन्होंने उसे टालने की कोशिश की उसका एजेंडा दिल्ली की स्कूल, दिल्ली का मोहल्ला क्लीनिक और मनीष सिसोदिया जेल में से लगता है की भ्रष्टाचार के जो चीजें आप पार्टी के नेताओं पर पड़ रहे हैं उससे केजरीवाल अपने प्रतिनिधियों से मुक्ति पा रहे हैं। कट्टर इमानदारी की बात करते वक्त वे अपने द्वारा दिल्ली में पेश जनलोकपाल के प्रत्यय को भूल जाते हैं। जिस जन लोकपाल कि वे बात करते थे, वह तो भारत के संविधान के ही खिलाफ था ऐसे में जिस पार्टी का उदय ही भारतीय संविधान के खिलाफ जाता हो उसकी बातों पर भारत की जनता कैसे भरोसा करें। इसके अतिरिक्त केजरीवाल के ऊपर अपने प्रारंभिक साथियों से दगाबाजी का जो आरोप है वह धुलाए नहीं धुलता।
आप पार्टी के लिए घोषित रूप से प्रारंभ में सबसे बड़ा चंदा एक करोड़ रूपया भूषण ने दिया और उसे ही इस पार्टी ने अपने से बाहर कर दिया यह दाग तो तभी धुल सकता है जब केजरीवाल अपनी ए टीम के वाशिंग मशीन में चले जाएं जिसके लिए वे गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल में घूम घूम कर दिल्ली शराब घोटाले से प्राप्त रकम को खर्च कर रहे हैं।