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जहांपनाह के बदमिजाज तेवर से बिलासपुर में डूब रहा है कांग्रेस का जहाज

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बिलासपुर, 24 जून 2023। 3 महीने बाद होने जा रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बिलासपुर जिले के भीतर कांग्रेस की हार का सबसे बड़ा कारण उसके जहांपनाह बनेंगे, मजा तो यह है कि जिले में कांग्रेस के जहांपनाह की संख्या आधा दर्जन से ज्यादा है। ऐसा नहीं है कि 2018 के पूर्व कांग्रेस में जहांपनाह नहीं थे ये तो कांग्रेस की अनिवार्य बुराई हैं। पहले ये कांग्रेस में रहकर फूल छाप कांग्रेसी कहलाते थे और कहा जाता है कि भैया को चुनाव में मदद करना और जिताना इनका विशेष काम था बदले में नए चुनाव आने तक इनका व्यवसाय लगातार बगैर किसी व्यवधान के चलता था इनकी उपयोगिता केवल विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं रही जहांपनाह पहले विधानसभा चुनाव में फिर स्थानीय निकाय में फिर त्रिस्तरीय पंचायत में कभी-कभी तो शहर का चुनाव निपटाने के बाद इनका उपयोग आसपास के शहरों में भी किया गया कौन नहीं जानता कि बिलासपुर विधानसभा के 1 चुनाव में तो सैकड़ों मतदाताओं की उंगली में मतदान दिन के पूर्व ही स्याही लगी नजर आने लगी थी। जानकारों का दावा है कि सियाही लगाने का पूरा काम जहांपनाह ने ही किया था, करवाया था। इनकी ब्रिगेड में इनके जात भाई कम सनातनी ज्यादा नजर आते हैं कुछ सनातनीयों के पालक उच्च पद पर सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं लिहाजा जब कभी भी किसी बड़ी मदद की जरूरत पड़ती है तत्काल हाजिर होती है। जहांपनाह की शिक्षा को लेकर कुछ पता हो या ना पता हो पर इनकी ब्रिगेड में उच्च शिक्षित युवा शामिल रहते हैं। यदि यह सही है तो स्थानीय डिग्री कॉलेजों के बीबीए एमबीए के छात्रों को अपना लघु शोध प्रबंध इसी विषय पर करना चाहिए कि कम शिक्षित जहांपनाह में वे कौन से गुण हैं जिस कारण उच्च शिक्षित युवा दरबार में सदा हाजिर रहते हैं 2018 के चुनाव के बाद शहर का निजाम परिवर्तन हुआ लोगों को लगता था अब कुछ बेहतर स्थितियां बनेगी पर जहांपनाह तो निर्वाचित व्यक्ति के पीछे ही पड़ गए एक बार नहीं कई बार जहां दाव पड़ा वहां अपशब्दों की झड़ी लगा दी। प्रारंभ में निर्वाचित नेता को बुरा लगा प्रतिरोध किए पर कहते हैं . ... से टरे भले। अपनी इज्जत अपने हाथ जहांपनाह ने दिग्गज महिला नेत्री को भी नहीं छोड़ा था कांग्रेस में परंपरागत राजनीतिक रसूख रखने वाले इस परिवार के महिला नेत्री के घर के सामने जहांपनाह ने तलवार निकाल कर जो तांडव मचाया था उस समय के अखबारों की सूर्खी बना था। पर कांग्रेस अनुशासित पार्टी है करने वालों के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है कराने वालों के खिलाफ नहीं होती यह इस पार्टी की परंपरा है जो अभी हाल ही में मस्तूरी युवा कांग्रेस कांड में भी अपनाई गई यही कारण है कि जहांपनाह पर्यटन प्रेमी है और जिले भर में घूम घूम कर अपनी प्रतिभा से आम जनता को प्रभावित करते रहते हैं महंगी गाड़ियों में सादलबल घूमना चौक चौराहे पर दरबार लगाना हर थाना परिसर में बेखौफ बेलगाम जाना और टी आई के कमरे में बैठकर प्रवचन करना ऐसे प्रवचनों में शहर के सम्मानित लोगों को लज्जा मंडित करना इनकी विशेष अदा है। लगता है आचार संहिता प्रभावी होने के पूर्व तो जहांपनाह के तेवर में कोई कमी नहीं आएगी। जहांपनाह के गर्म तेवर बिलासपुर में डूबेगा कांग्रेस का जहाज।