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महेश स्वीट पर लगा 100000 रू. का जुर्माना, हाई कोर्ट ने कहा जुर्माना सही है
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बिलासपुर, 30 अप्रैल 2026।
बिलासपुर में मिठाई की दुकान के नाम चिन प्रतिष्ठान महेश स्वीट्स को एक लाख का जुर्माना जमा करना ही होगी। महेश स्वीट के संचालक महेश चौकसे की अपील हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। चीफ जस्टिस रमेश सिंह वास जस्टिस विभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया और लैब रिपोर्ट पूरी तरह सही है। निचली अदालत द्वारा लगाए गए ₹100000 का जुर्माना सही है। यह मामला 15 अक्टूबर 2011 का है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने महेश स्वीट तार बहार का निरीक्षण किया। आरारोट नाम से लेवल लगी मिठाई का पैक्ड बैग सैंपल लिया उसे जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा रिपोर्ट ने बताया कि नमूना, गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा वह आरारोट नहीं कांन स्टार्च था। तो यह मामला मिस ब्रांड का बन गया।
जिला डंडा अधिकारी ने 22 में 2012 को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 धारा 52 के तहत एक लाख का जुर्माना कर दिया। महेश स्वीट इस मामले में सत्र न्यायालय में अपील दाखिल किया। और यह भी खारिज हो गई तब वे हाई कोर्ट पहुंच गए वहां भी अदालत ने माना कि निचली अदालत तो का फैसला उचित है। और मामला मिस ब्रांड का है महेश स्वीट की यह याचिका खारिज हो गई ।
बिलासपुर में महेश स्वीट मिठाई बाजार में बड़ा प्रसिद्ध नाम है। मिस ब्रांड के मामले में ₹100000 जुर्माना अदा करने के कारण यह दुकान चर्चा में आ गई है।


