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विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद भूपेश का चुनावी मोड
- By 24hnbc --
- Saturday, 25 Mar, 2023
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समाचार -
बिलासपुर, 26 मार्च 2023। सरगांव का भरोसा कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के सीएम के लिए इतना महत्व रखता था यह बात इससे जाहिर होती है कि वे पहले दिल्ली गए दिल्ली से वापस उसी दिन रायपुर आना महत्व नहीं रखता महत्व रखता है, दिल्ली से वापस सरगांव के कार्यक्रम में आना। सरगांव को कांग्रेस ने बिलासपुर संभाग की राजनीति का मुख्यालय बना दिया। सुविधा के अनुसार यदि देखा जाए तो यह कार्यक्रम पूर्वर्ती परंपरा के अनुसार बिलासपुर में हो जाना चाहिए था पर छत्तीसगढ़ सरकार का बजट कांग्रेस की चुनावी रणनीति स्पष्ट करती है कि उसका पूरा फोकस ग्रामीण पृष्ठभूमि वाली विधानसभा सीटों पर है, और सरगांव से यह संदेश ज्यादा प्रभावी तरीके से निकलता है। छत्तीसगढ़ की इस दौर की सरकार जब से आई है नए जिलों का गठन लगातार हो रहा है। इस गठन के बाद हर जिले के अनुसार विधानसभा की एक नई राजनीति वक्त की जरूरत है जो पार्टी इस रणनीति मे चुकेगी उसे चुनाव में नुकसान उठाना पड़ेगा लिहाजा अपने मुखिया द्वारा घोषित किए गए जिलों पर काम करना कांग्रेस के संगठन की प्राथमिकता है और छत्तीसगढ़ में बजट प्रस्तुत करने के बाद भूपेश बघेल पूरी तरह से चुनावी रंग में आ गए हैं । सरगांव में जो कार्यक्रम हुआ वह पूरी तरीके से सरकारी है पर संदेश पूरी तरीके से राजनीतिक है कांग्रेस पार्टी के वे तमाम नेता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से मैं कार्यकर्ता पहुंचे जिनकी दिलचस्पी विधानसभा टिकट मे है। बिलासपुर जिले की एक सीट पर लगातार सक्रिय मुख्यमंत्री के सलाहकार तो सीएम के साथ ही थे कुछ ऐसे प्रत्याशी भी दावा ठोकते नजर आ रहे हैं जिनकी टिकट पर विचार ही नहीं होने वाला पर लाइन में दिखाई नहीं देंगे तो राजनीति में तो क्या खाक करेंगे। बिल्हा, बेलतरा, मस्तूरी, बेमेतरा, लोरमी, मुंगेली, नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से खूब दावेदारी हुई। ये दावेदारी दैनिक अखबारों में एक एक पेज विज्ञापन से शुरू होती हुई कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी तक चली। पर खटकने लायक एक बात 26 तारीख के दैनिक अखबारों में नजर आई भरोसा कार्यक्रम की खबर तो लगी है पर यह खबर सरकारी है। राजनीतिक विश्लेषण और कार्यक्रम का आम जनता पर प्रभाव पर किसी ने अपनी कलम नहीं चलाई यदि इस ओर कांग्रेस के संवाद प्रमुखों ने ध्यान नहीं दिया तो वे इस मसले पर भाजपा से पिछड़ जाएंगे। अनावश्यक रूप से सरगांव बिलासपुर में सीएम की चर्चा राहुल मुद्दे पर केंद्रित हो गई और स्थानीय महत्वपूर्ण मुद्दे गायब हो गए।


