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आज से समाप्त हुआ सौहार्द्र का दिखावा फिर शुरू होगा नेताओं का खुला प्रहार

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समाचार -
बिलासपुर, 12 मार्च 2023। आज 12 मार्च 2023 दिन रविवार 5 दिनों के स्थान पर 6 दिन की होली पर्व का समाप्ति दिवस है। छत्तीसगढ़ में दोनों राजनीतिक दल सत्ता में कांग्रेस और विपक्ष में भाजपा जिसका व्यवहार सत्ताधारी दल के समान ही है। अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए कल से मैदान में फिर से कूद पड़ेंगे। 13 तारीख को कांग्रेसी नेता जहां राजभवन के घेराव के लिए निकलेंगे वही 15 मार्च को भाजपा विधानसभा का घेराव करेगी। कांग्रेस का मुद्दा व्यापक असर वाला है। और बीजेपी के प्रधानमंत्री के एक उद्योगपति से दोस्ती के कारण फस चुकी एलआईसी, और बैंकों के वित्तीय स्थिति पर है। भाजपा का मुद्दा प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर है पर हमारा यह राजनीतिक विश्लेषण बिलासपुर में दोनों राजनीतिक दलों के भीतर नेताओं के अंतर्विरोध को लेकर है। 10 मार्च दिन शुक्रवार के दिन पर्यटन का क्षेत्रीय कार्यालय शहर पर्यटन सूचना केंद्र का लोकार्पण हुआ कार्यक्रम स्थल राघवेंद्र राव भवन था। यह स्थान बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पर इस पूरे आमंत्रण कार्ड में कहीं भी स्थानीय विधायक बिलासपुर विधानसभा का नाम नहीं लिखा गया, ऐसा लगता है कि कांग्रेस के कुछ नेता विधानसभा चुनाव परिणाम के दिन से अगले चुनाव मतदान दिन तक बिलासपुर के मतदाता को नीचा दिखाने के लिए तैयार हैं। वे यह भूल जाते हैं कि उनमें से कुछ कांग्रेसी नेताओं को बेलतरा, कोटा जैसी सामान्य सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा हो रही है। ऐसे में यदि उन्हें पार्टी ने अपना प्रत्याशी बना लिया तो शहर की पड़ोसी सीट बेलतरा जहां पर ब्राह्मण मतदाता बड़ी संख्या में है और बिलासपुर विधायक को वे अपना नेता मानते हैं तो जो नेता बिलासपुर के विधायक और उनके चाहने वालों को 5 साल तक नीचे दिखाता रहा उसे वोट कैसे देंगे। पर्यटन के इस कार्यक्रम में तो माननीय मंत्री लोक निर्माण विभाग, गृह, जेल, पर्यटन धमस्व भी नहीं आए। जबकि वह मुख्य अतिथि थे प्रभारी मंत्री ने भी समय नहीं निकाला था क्या ऐसा माना जाए कि बिलासपुर की कांग्रेस की अंतर्विरोध से भरी हुई राजनीति में कांग्रेस का कोई भी नेता फंसना नहीं चाहता। 
दिन रविवार को एक और कार्यक्रम हो रहा है जिसमें कार्यक्रम पूर्व विधायक के आवास पर है और इस पूर्व विधायक की पहचान बेलतरा, सीपत क्षेत्र को लेकर ही है । होली के इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर विधायक कर रहे हैं। ऐसे में समझा जाना चाहिए कि कांग्रेस में बिलासपुर विधायक को चाहने वालों की कोई कमी भी नहीं है। ऐसे मे जब विधानसभा चुनाव होगा तो सरकार भले ही कांग्रेस की बने बिलासपुर जिले में कांग्रेस को 2 सीट निकालना कठिन हो जाएगा। बेलतरा मे स्थितियां कांग्रेस के लिए आसान नहीं है मुख्यमंत्री के खास सिपहसालार जो बेलतारा से टिकट की आस लगाए हैं उन्हें याद होगा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री के एक खास सिपहसालार को बिलासपुर से टिकट मिलने पर खूब सहयोग किया और यह सहयोग एक बार नहीं दो बार किया तीसरी बार कांग्रेस में जब एक महिला प्रत्याशी को बिलासपुर का टिकट दिया तब भी उन्होंने खूब दोस्ती निभाई दो बार की दोस्ती और सहयोग वाले नेता पिछले विधानसभा चुनाव में जोगी कांग्रेस से बेलतरा में चुनाव लड़े, और उन्होंने अपना वोट बैंक सम्मानजनक दिखाया शायद इस बार उन्हें अपने इस मित्र से सहयोग चुकाने का अवसर मिल जाए। यही स्थिति कोटा की है। कांग्रेस का जो नेता कोटा सीट से प्रत्याशी बनेगा उसकी जीत का रास्ता हार का रास्ता मरवाही सदन से होकर ही निकलेगा। कांग्रेस के जिन शक्तिशाली नेताओं ने मरवाही सदन को खूब नुकसान पहुंचाया वह अब राहत की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। इस तरह आज रंगों का त्यौहार समाप्त हो रहा है और कल से राजनीति के रोज नए रंग दिखाई देंगे।