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माथुर भाजपा का खूंटा गाड़ रहे हैं या निपटा रहे हैं
- By 24hnbc --
- Tuesday, 10 Jan, 2023
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समाचार -
बिलासपुर, 11 जनवरी 2023। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कोरबा दौरा और उसके 2 दिन भीतर ही भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर का बिलासपुर दौरा, बिलासपुर के कार्यक्रम में जो बैनर पोस्टर लगे उनमें चाउर बाबा 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह का फोटो गायब था शो तहलका तो मचना ही है यहीं पर भाजपा कार्यालय के भीतर हुई पत्रकार वार्ता में लगे हाथ पूछ भी लिया गया मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा.... माथुर जी लाला ठहरे जवाब कूटनीतिज्ञ तरीके से दिया सब कुछ पार्लियामेंट बोर्ड तय करता है चेहरे के साथ लड़ेगा या बगैर चेहरे के लड़ेगा। उसके पूर्व कोरबा में अमित शाह ने डॉ रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल को अपने भाषण में बारीकी से रेखांकित किया था उन्होंने राशन कार्ड के तहत परिवारों को मिलने वाली सहायता और उससे होने वाले लाभ पर पर्याप्त प्रकाश डाला था और डॉ रमन सिंह को उनकी योजना को सराहा भी था और बिलासपुर में बैनर पोस्टर से डॉक्टर रमन का फोटो ही गायब हो गया। यह जानना भी जरूरी है कि दिसंबर माह में डॉ रमन सिंह ने बिलासपुर जिले में जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है उसके तहत काम भी किया था वे एससी आरक्षित सीट मस्तूरी भी गए थे एक आम भाजपा कार्यकर्ता के घर पर मोटा चावल भी खाया था कार्यकर्ताओं से भेंट मुलाकात भी की थी और उसी क्षेत्र में रात्रि विश्राम ही किया था इसका कहने का अर्थ है कि बिलासपुर में कार्यकर्ताओं को साधने की जिम्मेदारी डॉ रमन सिंह को सौंपी गई है और वहीं से उनकी फोटो गायब हो जाए के क्या अर्थ निकाले जाएं। इस बैनर पोस्टर पर डॉ रमन सिंह की फोटो तो गायब है पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक का फोटो मौजूद है उन्हें हाल ही में नेता प्रतिपक्ष पद से हटाया गया फिर भी विधायक होने के नाते उनका फोटो है। राजनीति के जानकार कहते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव सांसद बिलासपुर ओबीसी कोटे से हैं नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल भी ओबीसी कोटे से हैं ऐसे में हाल ही में एसटी आरक्षण बिल विधानसभा से सर्वसम्मति से पारित हो जाने के बाद भी माननीय राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षर ना करने से एसटी वर्ग की जो नाराजगी भाजपा को झेलनी पड़ रही है वैसे में एक बार सामान्य वर्ग सवर्ण वर्ग जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा में डॉक्टर रमन करते हैं भले उपेक्षित हो जाएं पर ओबीसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कहने वाले तो यहां तक दावा करते हैं कि शीघ्र ही छत्तीसगढ़ से डॉक्टर रमन की विदाई तय है। अब प्रश्न उठता है कि यदि डॉक्टर साहब की विदाई हुई तो वर्तमान 14-15 विधायक की टिकट का क्या भरोसा, और उन विधायकों की सूची में एसटी एससी ओबीसी तीनों शामिल है ऐसे में तो एकमात्र बृजमोहन अग्रवाल का टिकट ही बचेगा बाकी साफ़ क्या प्रदेश के नए भाजपा प्रभारी ओम माथुर छत्तीसगढ़ में भाजपा का खूंटा गाड़ने आए हैं या बचे हुए खूटे को निपटाने आए।


