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अंबिकापुर रियासत पर दोहरे आरोप, छत्तीसगढ़ की राजनीति में क्या है इसके मायने
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समाचार :-
बिलासपुर, दिसंबर 1।
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के लोकप्रिय नेता और कैबिनेट मंत्री टी एस सिंहदेव पर इन दिनों दो तरफा वार हो रहे हैं एक और उन्हें उन्हीं के राजनीतिक दल के विधायक और मंत्री अमरजीत भगत नर्सिंग एडमिशन को लेकर घेर रहे हैं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता उनकी जमीनों की जांच के लिए शिकायत लगातार घूम रहा है जिस पर स्थानीय तहसीलदार ने जांच टीम भी बना दी है।
हम समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर चुनाव के लगभग 300 दिन पहले इसके क्या मायने हैं। पहला मामला मंत्री अमरजीत सिंह भगत ने एक पत्र लिखकर राज्य में नर्सिंग कॉलेजों की खाली पड़ी सीटें ना भरने का आरोप विभागीय मंत्री पर लगाया। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग डिप्लोमा डिग्री प्रवेश के लिए पात्रता परीक्षा होती है कोविड काल में पात्रता परीक्षा हुई पर उसमें बहुत कम छात्र-छात्राएं न्यूनतम अंक हासिल कर सके ऐसे में निजी कॉलेजों में एडमिशन की बहुत सी सीटें खाली रही सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कटप नंबर में तब्दीली भी की पर भी कोई विशेष लाभ नहीं हुआ। निजी नर्सिंग कॉलेजों की सेहत खराब होने लगी तब सरकार ने एक बार यह कह कर एडमिशन दे दिए की जिन लोगों ने प्रवेश परीक्षा में आकर उपस्थिति दी है वह सभी एडमिशन की पात्रता रखते हैं वह समय अलग था अब तो शिक्षा व्यवस्था फिर से सामान्य हो रही है ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का यह कदम उचित है कि योग्य छात्र-छात्राओं को ही नर्सिंग डिप्लोमा और डिग्री में प्रवेश मिले अन्यथा बाद में आम जनता को परेशानियां होंगी सही भी है कि कम योग्य मानव संसाधन जीवन रक्षक नहीं हो सकता पर. .... अमरजीत है कि इस विषय को टी एस सिंहदेव की आलोचना का मुद्दा बना रहे हैं।
अब दूसरी बात टी एस सिंहदेव के जमीनों पर टी एस सिंहदेव ने स्वयं कहा पूरी दुनिया जानती है कि जांच किसके कहने पर और कौन करा रहा है पहले भी कलेक्टर से लेकर नायब तहसीलदार तक जांच कर चुके हैं भाजपा शासनकाल में भी जांच हो चुकी है बार-बार जांच क्यों होती है यह किसी से छिपा नहीं। आजादी के बाद रियासतों को मर्ज किया गया था तब अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सरकार की सहमति से संपत्ति का हक है किया गया था। शिकायतकर्ता भाजपा नेता आलोक दुबे ने 2022 में प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री सचिवालय और राज्यपाल को दस्तावेजों के साथ शिकायत की थी। अभी हाल ही में अंबिकापुर नजूल तहसीलदार ने जांच टीम बनाई है और 1 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है आरोप है कि शासकीय मद की जमीनों को सिंहदेव और सरगुजा राजपरिवार के नाम पर नामांकित किया गया है। अंबिकापुर के राजस्व रिकॉर्ड रूम में खाता संख्या 01 से खाता संख्या 15 तक रिकॉर्ड गायब है बस पूरा खेल यहीं से है।
इन दो आरोपों के बीच छत्तीसगढ़ की राजनीति को समझे लाख प्रयास के बाद छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पूर्व भाजपा मुकाबले में आती दिखाई नहीं देती कहते हैं कि इसके पूर्व भाजपा को जिताने का काम कांग्रेस के नेता अजीत जोगी कर दिया करते थे जो अब नहीं है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिस तरह से छत्तीसगढ़ कांग्रेस अजीत जोगी को निपटा रहे हैं इस बार जेसीसीजे भाजपा को लाभ देने वाली बनती नहीं दिखती हाल ही में 2 दिन अमित जोगी पैदल चले और उनकी पत्नी रिचा जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई कहते हैं अमित जोगी बीमार हैं और यात्रा स्थगित है।
दूसरी ओर आप की ओर से एक से अधिक बार यह हल्ला उड़ा कि बाबा कांग्रेस छोड़कर उनकी ओर आ रहे हैं ऐसे में अंबिकापुर में एक शिकायत भाजपा नेता लगाएं एक शिकायत अमरजीत लगाएं तो यह समझा जा सकता है कि कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए आप को किस तरह खड़ा किया जाए यह प्रयास भाजपा ही कर सकती है, जो कि किया जा रहा है। टी एस सिंहदेव की राज परिवार की जमीनों की जांच के मामले में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक का भी बयान आया उससे भी ऐसा ही लगता है क्योंकि इन दिनों वह विधायक के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है पर अंबिकापुर के मसले पर उनका बोलना कुछ बड़ा इशारा कर जाता है।


