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हुंकार क्यों दहाड़ मारो पर मुद्दे उचित हो....
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समाचार :-
बिलासपुर, 10 नवंबर 2022। हुंकार रैली क्यों देश में भाजपा की सरकार है दहाड़ रैली निकाले..... प्रश्न उत्तर है किस बात की हुंकार किस बात की दहाड़ कश्मीर फाइल्स क्या केवल पीवीआर में दिखाने के लिए थी। जब छत्तीसगढ़ में झीरम में नक्सली हमले में एक राजनीतिक दल के दर्जनभर नेता मारे जाते हैं तब जिन घरों में मातम छाता है तब ना तो किसी की हुंकार निकलती है ना दहाड़. ..... छत्तीसगढ़ राज्य में रमन सरकार के दौरान कई महिलाओं के गर्भाशय निकाल लिए जाते हैं चंद पैसों के खातिर नसबंदी शिविर कई लाभार्थी महिलाएं मौत के मुंह में समा जाती है पर गुजरात की तर्ज पर एक इस्तीफा नहीं होता।
कल हमने समकालीन राजनीति में पुरुषवादी सोच का शिकार हो रही महिलाएं शीर्षक से लिखा है। इस संदर्भ में राज्य की राजनीति के बड़े जानकार ने हमें संपर्क किया उन्होंने हमारी जानकारी में इजाफा किया बताया बिलासपुर से पहली महिला विधायक यज्ञ सैनी देवी थी जिन का निवास गौड़पारा हुआ करता था। अविभाजित बिलासपुर में श्रीमती टंक राजेश्वरी देवी सक्ति से विधायक थी और इंदुमती देवी भी सक्ति से एमएलए रही। छत्तीसगढ़ से ही ज्ञानदा देवी जो छिंदवाड़ा चली गई थी छिंदवाड़ा से एमएलए चुनी गई थी। जिस बिलासपुर जिले का राजनैतिक इतिहास महिलाओं की गरिमा और प्रतिनिधित्व को लेकर इतना समृद्धशाली है । वहां का वर्तमान इतना गैर जवाबदार क्यों हो गया।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 11 तारीख को बिलासपुर हुंकार भरने आ रही है। भाजपा की यह पुरानी रणनीति है पहले यह काम जिस राज्य में आंदोलन करना होता था वहां के सांसदों को केंद्र में मंत्री बनाकर कराया जाता था। 2001 से 2003 के बीच स्वर्गीय अटल बिहारी जी की सरकार ने छत्तीसगढ़ से रमेश वैश, डॉ रमन सिंह और जूदेव मंत्री थे महिला नेत्री करुणा शुक्ला साथ में होती थी पर अब सीईओ साहब का कॉर्पोरेट शासन है लिहाजा छत्तीसगढ़ के सांसद गिनती में नहीं आते। अमेठी वाया दिल्ली पर भरोसा है गलतियां करना विरोध के लिए विषय न चुने कांग्रेस की आदत है। 8 /11 /2016 को नोटबंदी हुई थी देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले को वर्तमान में सुन रही है केंद्र सरकार आरबीआई हलकनामा ना देने के पडे हाथ जोड़कर समय मांग रही है। बेहतर होता इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार श्वेत पत्र जारी करें अदालत में जल्द से जल्द जवाब प्रस्तुत करें पर जिला कांग्रेस कैबिनेट मंत्री से ज्ञापन लेने देने हेतु समय मांग लेती। रैली को सफल बनाने जिस तरफ भाजपा 130 किलोमीटर के दायरे से महिलाओं को ढूंढ ढूंढ कर लाने के लिए प्रयत्नशील है कांग्रेसियों को उस पर नजर रखनी चाहिए सो अपेरा से राजनीति में आने वाली संवाद वीर के मुकाबले तो कांग्रेस को अपने खेमे में नेत्री तलाश करना चाहिए।


