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आदिवासी बहुल्य क्षेत्र पसान में क्यों सक्रिय है, धर्म रक्षण संगठन
- By 24hnbc --
- Sunday, 16 Oct, 2022
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समाचार -
बिलासपुर, 16 अक्टूबर 2022। कोरबा जिले के पसान ब्लॉक एक और अवैध कब्जे और बगैर सक्षम अनुमति के निर्माण कार्यों से परेशान हैं तो दूसरी ओर पंजीकृत समितियों द्वारा बनाए जा रहे उपासना स्थलों की भी बाढ़ आ रही है एक समय था जब पसान शांत क्षेत्रों में शुमार किया जाता था तब इस मार्ग पर आवाजाही भी कम थी, समय बदला पड़ोस में जीपीएम नया जिला बना और उसका प्रभाव पसान पर भी पड़ा। अब पसान कोरबा जिले में है परंतु जीपीएम का पड़ोसी है । यथा व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी और व्यवसाय के लिए सबसे पहले सड़क के किनारे की जमीन पर नजरें गड़ाए गई। आदिवासी बहुल्य क्षेत्र होने के कारण जमीन मिलना आसान नहीं है, शो छल कपट कागजों में हेरा फेरी जबरदस्ती की नेतागिरी शुरू हो गई खबर तो यहां तक है कि पुराने शिक्षा समितियों के स्कूल के दस्तावेजों में छेड़खानी भी हो रही है ताकि स्कूल की जमीन पर कब्जा किया जा सके। अचानक इस क्षेत्र में कुछ धर्म रक्षण संगठनों की भी गतिविधियां तेज हो गई जिसका सीधा अर्थ है आने वाले समय में आदिवासी, मूलनिवासी और धर्म रक्षण संगठनों के बीच विवाद बढ़ेंगे। त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था में गांव के भीतर निर्माण कार्यों को नियमत: होने के लिए ग्राम पंचायत उत्तरदाई है यदि अवैध निर्माण होता है आबादी और ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जे होते हैं तो उन्हें हटाने की जिम्मेदारी भी ग्राम पंचायत की है। किंतु जब ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि ही इन कामों में लग जाएं तो नियम का पालन कौन कराएगा। और इस सब के लिए उपासना स्थल बनाना सबसे सरल काम है। उपासना स्थल निर्माण के लिए किसी नियम का पालन शहरी क्षेत्र में नहीं हो पाता तो ग्रामीण क्षेत्र की क्या बात कहें। यही कारण है कि पसान में नियमों की अवहेलना खुलकर हो रही है और चार लोग बिना नियमों का पालन करें स्वयं को समिति बताने लगते हैं और उपासना स्थल का निर्माण कराने लगते हैं पर इन संदर्भों में उनके पास पंजीकृत दस्तावेज नहीं होता।


