No icon

24hnbc

वे सुनते नहीं खामोश करते हैं, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का दर्द समीक्षा के बाद उभर कर आया बाहर

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर, 12 सितंबर 2022। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की समीक्षा क्लास से लौटने के बाद ना तो पूर्व विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी संतुष्ट हैं ना ही वे कार्यकर्ता जो अभी कांग्रेस की संस्कृति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। दो हारी हुई सीट मस्तूरी और बेलतरा की बात करें मस्तूरी में पिछले विधानसभा चुनाव के समय सतनामी मतदाताओं की संख्या 72000 थी जो अब बढ़कर 82000 से ऊपर चली गई है, सूर्यवंशी मतदाताओं की संख्या 18000 है। इन मतदाताओं पर ध्यान न देने का परिणाम था कि मस्तूरी में कांग्रेस तीसरे नंबर पर चली गई थी। क्षेत्रीय कार्यकर्ता बताते हैं कि इसके बावजूद हाईकमान को ओबीसी की चिंता ज्यादा लगती है। बेलतरा विधानसभा सीट का अंतिम जीता हुआ विधायक भी कांग्रेस के तौर तरीकों से हैरानी जताते है। सेवादल में कई साल काम करने, अन्य राज्यों में जाकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने वाले भी आश्चर्य करते हैं कि सत्ता में 3 साल से अधिक समय गुजार देने पर भी शहर से लगी हुई बेलतरा सीट को जीतने के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई। उसके बावजूद जब कार्यकर्ता काम नहीं होने की शिकायत करते हैं तो समीक्षा करने वाले शार्ट गन की तर्ज पर खामोश बोल देते हैं। दो और हारी हुई थी कोटा और बिल्हा में से कोटा का तो कांग्रेस स्वप्न में भी जीतने का न सोचे यहां तो भाजपा और जेसीसी मिलकर कांग्रेस को जीतने ही नहीं देगी। हां कहीं बिलासपुर से कोटा का तबादला नामा हो जाए तो बात अलग है ऐसी स्थिति में कांग्रेस बिलासपुर से हारेगी तो स्थिति गुलाब जामुन और रसगुल्ले के समान होगी।