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न्यूट्रल नौकरशाह भाजपा की नजर में कांग्रेसी
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। 31/8/2022 स्टेटमेंट अखबार में अजय भान सिंह की रिपोर्ट का शीर्षक समझें बीजेपी टर्न ऑफ हिटऑन प्रो कांग्रेस ब्यूरोक्रेट्स ईन छत्तीसगढ़। यह खबर छत्तीसगढ़ की नौकरशाही के मिजाज पर एक दाग है अखबार का रिपोर्टर सीधे-सीधे छत्तीसगढ़ के नौकरशाहों को प्रो कांग्रेसी और प्रो बीजेपी के बीच बांट रहा है। ब्यूरोक्रेट्स कुछ संख्या में कांग्रेसी और भाजपाई हो सकते हैं किंतु इनकी संख्या ज्यादा नहीं, अजय भान की खबर के अनुसार विधानसभा चुनाव 1 साल दूर है और राज्य में केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के ऐसे नौकरशाहों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है जो कांग्रेस के माने जाते हैं छत्तीसगढ़ में 15 साल तक भाजपा का शासन था तब क्या ऐसा माना जाए कि छत्तीसगढ़ की पूरी ब्यूरोक्रेसी भगवान रंग में रंग गई थी और यदि रंग गई थी तो क्या मात्र 4 साल के कांग्रेसी शासन में भगवा का रंग उतर गया ऐसा लगता तो नहीं है भगवा की भक्ति करने वाले नौकर का छत्तीसगढ़ में कवर्धा को राजनंदगांव को हिंदुत्व की प्रयोगशाला बनाने गए थे अब यदि अधिकतर नौकरशाह संविधान के अनुसार शासन कर रहे हैं 80-20 खेल में नहीं पड़ते हैं तो उन्हें कांग्रेसी मान लिया जाए असल में कांग्रेसी शासन काल में उन नौकरशाहों को आसानी गई जो नियम से चलते हैं इक्का दुक्का हिंदी के रडार पर हैं उसके बावजूद छत्तीसगढ़ राज्य देश का सबसे शांत राज्य की श्रेणी में है यहां असम के समान खरीदी बिक्री नहीं होती यहां विपक्षी नेताओं को पत्रकारों को अपनी बात रखने की आजादी है पत्रकार वार्ता में चाहे वह कांग्रेसी की हो या भाजपाई पत्रकारों के प्रश्न सीधे और सटाक होते हैं । नौकरशाहों को कांग्रेस भाजपा में बांटने के पूर्व पाठक यह जान ले कि नौकरशाहों के पूर्व पत्रकार भी 2 साल हो चुके हैं गोदी मीडिया की नजर में जो पूछने का माद्दा रखते हैं उन्हें कांग्रेसी पत्रकार कह दिया जाता है और फेस पत्तलकार हैं । जनसंपर्क विभाग जबसे आईपीएस के हवाले किया गया है वैसे भी पत्तलकार वहां जाना पसंद नहीं करते, हाल ही में भाजपा के कुछ नेताओं ने उनके अनुकूल और प्रतिकूल नौकरशाहों की एक सूची बनाई है जिसे वे सुविधा अनुसार अपने प्रदेश प्रभारी, संगठन प्रभारी, क्षेत्रीय महासचिव को देते रहते हैं। वे उम्मीद करते हैं की भगवा नौकरशाह उन्हें सत्ता की सीढ़ी चिडवा देंगे यही कारण है कि न्यूट्रल नौकरशाहों ने भाजपा की राह में कांटे बिछाने के लिए तैयारी कर ली और यही कांटे भाजपा के सुविधा पदस्थ नेताओं को अच्छे नहीं लगते, अरे भैया नौकरशाहों की दम पर सिहासन पर बैठने से अच्छा है आम जनता के दरबार पर हाजरी लगाओ जिसने तुमको सत्ता के सिहासन से नीचे पटका है। नौकरशाहों की दम पर, सुरक्षाबलों की दम पर, आर एस एस की दम पर कब तक चुनाव जीतोगे एक बार तो जनता के सामने नतमस्तक होना सीख लो. ... ।


