No icon

24hnbc

ईडी के चलते पहले सड़क पर आए, बैठे और अब चल पड़े ये है राहुल

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। इन दिनों देश में विपक्ष से पूछने का दौर है क्योंकि सत्ता से तो पूछने की हिम्मत नहीं, और अब कई कारणों में से एक कारण यह भी है कि कांग्रेसी जनता को जवाब देने सड़क पर पैदल निकल पड़ी है, इसकी शुरुआत 7 सितंबर से हो रही है कांग्रेस के नेता राहुल गांधी 150 दिन जनता से सीधे जुड़े हुए 3500 किलोमीटर पैदल चलेंगे। उनकी भारत जोड़ो यात्रा 12 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होकर निकलेगी। यात्रा का अधिकांश समय दक्षिणी राज्यों में गुजरेगा कुल 22 महत्वपूर्ण स्थानों में 9 स्थान दक्षिण में है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी लंबा सफर है गौरतलब है कि मध्य प्रदेश राजस्थान और कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 129 लोकसभा सीटें हैं इसमें से कांग्रेस के पास सिर्फ 28 सीटें हैं भाजपा के पास 29 सीट है। यात्रा के दौरान जिन विषयों पर व्यापक चर्चा होगी उसमें बेरोजगारी, महंगाई, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, आर्थिक विषमता देश को पड़ोसी देशों से खतरा जैसे विषय होंगे। दिग्विजय सिंह को यात्रा का संयोजक बनाया गया है और इन्हें पदयात्रा का बड़ा अनुभव है उन्होंने स्वयं 71 साल की आयु में नर्मदा परिक्रमा यात्रा की थी और यह 3300 किलोमीटर की थी। इस पदयात्रा के बाद मध्य प्रदेश से 14 साल शासन कर चुकी भाजपा की विदाई हो गई थी मध्यप्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं और नर्मदा यात्रा में दिग्विजय सिंह ने 110 सीटों पर पदयात्रा कर डाली थी, इतना ही नहीं 192 दिन की पदयात्रा में उनकी पत्नी अमृता राय पूरे समय उनके साथ थी कहने को यह गैर राजनीतिक पद यात्रा थी और दिग्विजय सिंह ने बाकायदा कांग्रेस संगठन से इस पद यात्रा के लिए छुट्टी ली थी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा उन नेताओं को सीधा संदेश है जो एसी कार में खड़े होकर कंधा और सर निकालकर जन दर्शन करते हैं । रोड शो, इवेंट मैनेजमेंट का बड़ा हथियार है ऐसे में कांग्रेस की पदयात्रा जनता के बीच बड़ा संदेश देकर जाने वाली है वैसे भी देश के भीतर ऐसे करोड़ों परिवार हैं जिनके लिए गांधी बड़ा नाम है और वह इनका खो जाना देश हित में नहीं मानते. ...।