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पहले इंटेलिजेंस की रिपोर्ट फिर आरएसएस की आड़ पुरंदेश्वरी ने बता दी भाजपा की चाल

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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने प्रदेश के 1 स्थापित दैनिक अखबार को साक्षात्कार दिया है। सप्ताह की बातचीत के अंतर्गत यह प्रकाशित हुआ है, छठवें नंबर का प्रश्न और उसका उत्तर भारतीय जनता पार्टी की तैयारी के बारे में बहुत कुछ कहता है प्रश्न चुनाव में पुराने चेहरों पर दांव लगाया जाएगा या पिछले लोकसभा चुनाव की तरह नए चेहरों को आजमाया जाएगा। उत्तर में लिखा है इंटेलिजेंटस के फीडबैक के आधार पर जो फिट तो होगा उस पर निर्णय लिया जाएगा संघ बड़ा इंटेलिजेंस है सभी से इनपुट लेकर जो सही होगा उसके आधार पर उम्मीदवार तय होंगे। प्रश्न में कहीं भी यह बात ही नहीं की कि पुरंदेश्वरी को पार्टी में टिकट बांटने का आधार इंटेलिजेंस रिपोर्ट को बनाना पड़ेगा पर उन्होंने कहा. ..... प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान स्थिति और संघ की अगले महीने रायपुर में होने वाली तीन दिवसीय बैठक क्या भाजपा के लिए हो रही है। आरएसएस में 37 से ज्यादा अनुषांगिक संगठन है जिसमें शिक्षा से लेकर श्रमिक हित तक जुड़ा है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रत्याशी चयन या भाजपा नेताओं की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के लिए आर एस एस और उनके पदाधिकारियों के पास कितना वक्त है अगर है तो यह माना जाए कि भारतीय जनता पार्टी का रिमोट कंट्रोल आर एस एस के पास है किंतु वर्तमान में मोदी और शाह ने संसदीय बोर्ड में जिस तरह के परिवर्तन किए उसे से लगता तो नहीं है कि भाजपा का रिमोट आरएसएस के पास है यह जरूर लगता है कि आरएसएस से जो कार्यकर्ता भाजपा में जाते हैं वे सत्ता की चकाचौंध में बजे उड़ाने लगते हैं, और वे संघ के बताएं हुए आदर्श भूल जाते हैं। राजनीतिक खबरों के बाजार में विधानसभा टिकट वितरण को लेकर जो बात कही जा रही हैं उसके अनुसार इंटेलिजेंस का एक सर्वे हो चुका है दूसरा सर्वे निजी कंपनी के द्वारा करा जाएगा और उन दोनों के आधार पर प्रत्याशी चयन होगा। दूसरा सर्वे गुजरात चुनाव के बाद ही हो पाएगा। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में जिस तरह से रिंग मास्टर और प्रदेश पदाधिकारियों के बीच जिस तरह का खेल चल रहा है उससे स्पष्ट है कि कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के बीच अनुशासन की कमी है और यह कमी दिखाती है कि संकट के समय भाजपा में किस तरह शालिंता साथ छोड़ देती है बिलासपुर में धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के 1 पदाधिकारी ने खुलकर वरिष्ठ पदाधिकारी को गालियां दी और बाद में माफी मांग ली, इसी तरह युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रायपुर प्रदर्शन के दौरान मंत्रियों के आवास के बाहर नेम प्लेट पर गोबर लगाते देखे गए न अपने का सम्मान न विरोधी का देशभर को सनातन संस्कृति की गरिमा बताने वाले अपने जीवन में उसे क्यों नहीं उतारते। भाषा का स्तर तो प्रदेश प्रभारी का भी उचित नहीं है एक से ज्यादा मौकों पर उन्होंने इसका प्रदर्शन भी किया है हिंदी का अल्प ज्ञान दक्षिण और छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अंतर कहकर बचा नहीं जा सकता असल में प्रदेश प्रभारी जिस शैली में वक्तव्य देती है वह सोच समझ कर देती है और उसका असर उत्साही कार्यकर्ता तक पहुंच रहा है और यही तो वह चाहती है कि जो कार्यकर्ता हतोत्साहित घर पर बैठा था वह गाली बकते हुए सड़क पर पहले अपने वरिष्ठ पदाधिकारी को गाली दे और फिर मंत्री के घर पर गोबर फेंके। तभी तो चुनाव तक कुछ माहौल बनेगा शेष काम करने के लिए भाजपा के तीन दामाद तैयार हैं ही. . . ..।