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कथनी करनी में बड़ा विरोधाभास भाजपा की है पहचान
- By 24hnbc --
- Thursday, 11 Aug, 2022
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान शिखर नेतृत्व सत्ता और संगठन दोनों की कथनी और करनी में अंतर है। 18 फरवरी 2018 दिल्ली बीजेपी कार्यालय उद्घाटन का अवसर प्रधानमंत्री ने कहा बहुदलीय व्यवस्था हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। 1 अगस्त 2022 राज्य बिहार 7 जिलों के बीजेपी कार्यालय शिलान्यास के मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा हम विचारधारा वाली पार्टी हैं, अन्य राजनैतिक दल समाप्त हो जाएंगे। पहले कांग्रेस मुक्त भारत की बात और अब विपक्ष मुक्त भारत और साथ में अन्य राजनीतिक दलों का भी समापन यह सोच को व्यक्त करने के दो शब्द हैं। वर्चस्व और हवस पहला शब्द बताता है एक ऐसी ताकत जो बाटी ना जा सके और दूसरा शब्द हवस खाने की पहनने की ओडने की पैसे की जूता चप्पल तक की हो सकती है देश में ऐसे राजनैतिक हैसियत हुई हैं जिनके घर पर छापा पड़ा तो साड़ी और सैंडल इतनी बड़ी मात्रा में मिले कि लोगों की आंखें फटी की फटी रह गई। भारतीय जनता पार्टी ने 29 अगस्त 2020 में देश में 500 कार्यालय बना लिए थे अगले 2 साल में 400 और बनाने का लक्ष्य था। दिल्ली कार्यालय 18 फरवरी 2018, 6 दीनदयाल मार्ग 8000 वर्ग फीट में फैला है तीन ब्लॉक हैं 7 मंजिल हैं दो ब्लॉक तीन तीन मंजिल के हैं और मुख्य इमारत 7 मंजिल की हैं। हर राज्य की राजधानी में ऐसे ही फाइव स्टार सुविधा वाले राजनीतिक कार्यालय हैं जिला मुख्यालय पर दो से तीन मंजिला भवन है जो आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस है तकनीक से परिपूर्ण है। आम आदमी अंदाज लगा ले इसे राजनीतिक दल ने पिछले 8 साल में स्वयं को स्थापित करने के लिए पूरे देश के तालुका में कितना पैसा खर्च किया। अब बात अन्य राजनीतिक दलों को समाप्त करने की, देश में कुल 4120 विधायक हैं भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की संख्या 1383 है, कांग्रेस के विधायकों की संख्या 691 है। 2019 के चुनाव मे बीजेपी को 22 करोड़ 90 लाख मत प्राप्त हुआ , कांग्रेस को 11 करोड़ 94 लाख मत प्राप्त हुआ, टीएमसी को 2.49 लाख मत प्राप्त हुआ। प्रतिशत के अनुसार क्रमशः 37.31,19.49,4.06 प्रतिशत होता है। भारतीय जनता पार्टी 303 लोकसभा सीट जीती और कांग्रेस को 52 स्थान पर सफलता मिली यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि 208 स्थानों पर कांग्रेस दूसरे स्थानों पर है देश में कुल 28 राज्य और नो यूनियन टेरिटरी हैं चार राज्यों में कांग्रेस का 0 विधायक है। तो ऐसे राज्य भाजपा के खाते में 7 हैं। देश में गुजरात भारतीय जनता पार्टी का सबसे पुराना गढ़ है। गुजरात के गोधरा दंगों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सर्वाधिक 127 सीट जीती कांग्रेस का बेस्ट प्रदर्शन गुजरात में 149 सीट का है कांग्रेस भाजपा के अंतर को समझा जा सकता है। राजनीतिक हालात वर्चस्व और हवस के बीच समझे 1 अगस्त को जेपी नड्डा बड़बोला पन और 9 अगस्त को बिहार की सत्ता से भाजपा की विदाई हो गई। भारतीय जनता पार्टी के कंट्रोल रूम का एक वक्त पर यह सोचना था कि भारत में अमेरिका के समान राष्ट्रपति चुनने की व्यवस्था हो जाए उस समय उनके पास अटल बिहारी वाजपेई जैसा चेहरा था जिसके पक्ष में भारतीय मतदाता मतदान कर सकता था यही कारण था की कंट्रोल रूम को लगता था कि देश की शासन व्यवस्था ही बदल जाए जैसा कि इन दिनों है। वैसे भी भारतीय जनता पार्टी ने पिछले 10 साल में ऐसा माहौल बनाया कि चुनाव के समय मतदाता प्रधानमंत्री चुनने लगा है ना कि सांसद जबकि भारत का जनप्रतिनिधित्व कानून ऐसा है कि मतदाता विधायक या सांसद चुनेगा और विधायक या सांसद अपना नेता पीएम और सीएम चुनेंगे पर ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है एक राज्य का उदाहरण लें। उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के पूर्व ही अपना सीएम कैंडिडेट तय कर दिया और वह कैंडिडेट अपने संसदीय क्षेत्र में बुरी तरह हारा मतदाताओं के द्वारा नकार दिए गए विधायक को ही मुख्यमंत्री बनवा दिया गया इसे मतदाता के साथ सत्ता की जबरदस्ती ही कहा जाएगा। भारतीय जनता पार्टी को यदि देश से राजनीतिक दलों को समाप्त करना है तो उन्हें सीधे-सीधे जनप्रतिनिधित्व कानून में बदलाव कर लेना चाहिए विश्व में ऐसे भी देश हैं जहां एक दलीय लोकतांत्रिक प्रणाली है तब कथनी और करनी एक हो जाएगी।


