No icon

24hnbc

आम जनता के बीच जाने के पूर्व, आप के नेता खेल रहे शतरंज

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में दूसरा अवसर होगा जब आप नाम का राजनैतिक दल विधानसभा चुनाव में उतरेगा पिछली बार इसके नेताओं में बड़ा उत्साह था उन्हें लगता था कि दिल्ली से एक लहर चली है और उन्हें सत्ता के सिंहासन पर बिठाकर ही जाएगी पर ऐसा हुआ नहीं. .... दूसरा स्थान तो छोड़ो तीसरे स्थान पर भी आने के लाले पड़ गए उस समय भी दिल्ली के मुख्यमंत्री रायपुर में बड़ी जनसभा कर के गए थे। राजनैतिक मामलों के जानकार बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में उस समय अजीत जोगी के चलते किसी अन्य नए राजनीतिक दल के लिए कोई स्थान ही नहीं था क्योंकि अजीत जोगी ने अपना राजनीतिक दल बनाया था किंतु इस बार स्थितियां अलग है, और आप एक बार फिर से स्वयं को जनता के सामने ले जाने वाली है दिखाई तो दे रहा है कि उसके नेता चुनाव में जाने की तैयारी भी कर रहे हैं, चुनाव में जाने के पूर्व एक स्थापित दल की आप राजनीतिक दल में हो रही है और वह गलती है। विशेषज्ञ क्षेत्रों के लोगों को राजनीतक दल में लाना और लाने के समय ही विधानसभा चुनाव की टिकट दे देना. .... क्या ऐसा मान लिया जाए कि आप राजनीतिक दल में केवल नेता ही नेता है कार्यकर्ता नहीं है और बैठके डिजिटल माध्यम से होने के कारण यह पता ही नहीं चलता की किस नेता के पीछे कार्यकर्ता हैं और कौन नेता सिर्फ डिजिटल नेता है। साथ में भी आप राजनीतिक दल का सबसे बड़ा संकट उसका प्रवक्ता ही हो गया है, कुछ लोग कहते हैं प्रवक्ता ऐस्ट नहीं लायबिलिटी बन गया है। जानकार बताते हैं कि आप राजनीतिक दल में कुछ दिनों से निपटो निपटाओ का खेल चल रहा है अपनी टिकट के लिए या विधानसभा क्षेत्र बदलने के लिए खूब शतरंज खेली जा रही है इस खेल में आप राजनीतिक दल के युवा नेता कुछ ज्यादा ही सक्रिय हैं कारण यह है कि राजनीतिक दल में अधिकतर युवा नेता ही हैं। और यह वेब सीरीज के एपिसोड के समान राजनीति कर रहे हैं। बैनर पोस्टर, डिजिटल माध्यम की राजनीति भी आंदोलन के समय शूटिंग का दिमाग लगाकर की जा रही है भीड़ को आगे पीछे करकर के अधिक दिखाने का फार्मूला भी चल रहा है। अनुभवी बताते हैं कि पूरी पार्टी कारपोरेट कल्चर से लवरेज है और नए कार्यकर्ताओं को हमेशा यह बताया जाता है कि कांग्रेस का और कौन सा नेता आने वाला है और उसके बाद हमारा चुनाव जीतना तय है यह कहते हैं पार्टी के उन नेताओं के चेहरे पे मायूसी छा जाती है जो पिछले 2 साल से पार्टी से जुड़े हैं। कुछ समझदार नहीं था विधानसभा चुनाव के पहले ही घर बैठने की मानसिकता बना रहे हैं देखने लायक रहेगा कि मुंगेली से राज्यसभा पहुंच गए पाठक जी कांग्रेस छोड़कर कोटा की खाक छान रहे काजी जी और दक्षिण बिल्हा में जिन्हें पानी नहीं मिला वे अरपा किनारे कब आएंगे। महिला नेत्रीयों के टिकट का दावा मजबूत होगा या इनके बीच भी शतरंज की चालें अभी शेष हैं कहते हैं कि पार्टी की कुछ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है उसके बाद काफी कुछ साफ हो जाएगा।