No icon

24hnbc

अग्नीपथ योजना या हिंदू राष्ट्र की घोषणा का पिछला दरवाजा

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर । 5 साल पूर्व दिल्ली में पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर लंबे समय तक शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे अब मामला भाड़े के सैनिक नो पेंशन पर आ गया है और आंदोलन वे युवा कर रहे हैं जिन पर बेरोजगारी का दंष है और चाहते हैं कि सेना में भर्ती होकर एक तरफ देश सेवा और दूसरी तरफ अपने परिवार को सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाना। पर कंगाल व्यवस्था है कि बचत के नाम पर युवाओं को अग्नीपथ पर चलाकर अग्निवीर बनाने पर उतारू है सामान बेचते बेचते, कंपनियां बेचते बेचते, लाल बुझक्कडो ने अक्कल भी बेच दी । हमारे पड़ोसी देश चीन में सैनिक संख्या 21 लाख 80 हजार है सैन्य खर्च 122 लाख करोड़ रुपए है । अमेरिका का सैन्य खर्च 62 लाख करोड़ है। हमारी सैनिक संख्या 14 लाख 55 हजार है 97 हजार पद खाली हैं खर्च मात्र 5.13 लाख करोड़ है। ऐसे में हम कल्पना करें कि हम कहां टिकरते हैं यदि पेंशन ही की कटौती होना है तो सबसे पहले विधायक और माननीय सांसदों का पेंशन बंद हो जाना चाहिए इस तरह के निर्वाचित जनप्रतिनिधि को हमारे देश में 45 हजार न्यूनतम से लेकर साडे 3 लाख अधिकतम तक प्रतिमाह पेंशन प्राप्त हो जाती है और हम एक सैनिक को 30 हजार प्रतिमाह पर रखने की योजना लाते हैं उसे भी 1340 दिनों के बाद चलता कर देंगे। एक तरफ दावा करते हैं भारतीय सेना में राजनीति नहीं है अब तक देश में पूर्व सेना अध्यक्ष ही राजनीति कर रहे थे अब अग्नीपथ लागू होने के बाद प्रत्येक 4 साल में हजारों जवान सीधी राजनीति में उतरेंगे सेना से निकलने के पहले ही यह तय है की किस माइंड सेटप के युवा अग्पनीथ पर चलने वाले हैं कैडर वेष राजनीतिक दल ने बढ़िया योजना बनाई सालों से शाखा संचालित की अब शाखा में जाने वालों को ही दसवीं के बाद सेना में भेज देंगे । 4 साल के बाद रिटायर्ड होगा ऐसी यस मैन की फौज सोशल पुलिसिंग कम्युनिटी फोर्स के रूप में उभर कर आएगी इन्हीं सब कारणों से एकाधिक शंकराचार्य दावा करते हैं 2 साल में भारत हिंदू राष्ट्र घोषित होगा। अब सवाल है संविधान की रक्षा कौन करेगा ..... हम उस संविधान की बात कर रहे हैं जिसके प्रस्तावना में लिखा है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। जिन्हें संविधान की प्रस्तावना से प्रेम है वह गांठ में बांध ले की अब सिर्फ 5 साल में एक बार बटन दबाने से काम नहीं चलेगा आंख, नाक, कान, मस्तिष्क सब कुछ खुला रखना पड़ेगा क्योंकि देश में नए तरह के लुटेरे सक्रिय हैं।