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न्यायिक अभिरक्षा में मारे गए निर्दोष नागरिकों के लिए तत्काल घोषित की जाए अंतरिम मुआवजा राशि...... प्रदेश प्रवक्ता एनसीपी

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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। न्यायिक अभिरक्षा में छोटेलाल की मौत बाल संप्रेक्षण गृह से दो बालकों का भाग जाना साथ ही केंद्रीय जेल में शराब तस्करी के आरोप में जेल भेजे गए विदेशी की मौत पर एनसीपी के प्रदेश प्रवक्ता ने जेल प्रशासन और जिला प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार की आलोचना की है। 
उन्होंने कहा है कि पिछले 3 साल में आबकारी विभाग जो राज्य शासन को सबसे ज्यादा कमा कर देने वाला विभाग है में बेजा वसूली की शिकायतें थोक में आ रही हैं। पहले गैरकानूनी रूप से चलने वाले चखना सेंटर यहां तक कि शराब दुकान के आसपास दिव्यांग जनों द्वारा ट्राईसाईकिल पर बैठकर चखना सेंटर चलाने के समाचार प्रकाशित हुए उन सब के बावजूद संबंधित अधिकारियों पर कभी कार्यवाही न होना संदेहों को बढ़ाने वाला होता है। अपने निजी काम से पालतू पशुओं के लिए महुये का उपयोग छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में आम है उन्हें भी आबकारी निरीक्षक अपनी कमाई का जरिया बनाते हैं और ऐसे भ्रष्ट निरीक्षकों पर उनके विभाग के अधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं है । 
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बाल संप्रेक्षण गृह से लगातार शिकायतें आपाचारी बच्चों पर बाउंसर द्वारा शारीरिक प्रताड़ना, भयाक्रांत नाबालिगों का घर से भाग जाना संप्रेक्षण गृह में नियमित कर्मचारियों के स्थान पर संविदा कर्मचारी की नियुक्ति और लाखों का बजट उनके हवाले समितियों में न्यूनतम अहर्ता के बिना नियुक्ति आदि गंभीर आरोप हैं जिन पर त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए। 
न्यायिक अभिरक्षा में मारे गए छोटेलाल और विदेशी के परिवार को तुरंत अंतरिम मुआवजा दिया जाए की मांग एनसीपी के प्रदेश प्रवक्ता ने की।