24hnbc
केंद्रीय नेतृत्व को छत्तीसगढ़ में ढूंढे नहीं मिल रहा भूपेश का प्रतिद्वंदी
- By 24hnbc --
- Thursday, 19 May, 2022
24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। मई की तीखी गर्मी के बीच राजस्थान इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में हैं। पहले कांग्रेस का 3 दिन का शिविर और अब 20 और 21 को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बताया जा रहा है कि पार्टी के नेताओं ने 16 महीने बाद होने वाले चुनावी रणनीति का खाका तैयार कर लिया है। पदाधिकारियों के बीच भाजपा है तो भरोसा है के नाम से एक बुकलेट दी गई है यह भी फैसला हुआ है कि एक जन जागरण यात्रा निकाली जाएगी। चुनाव मोदी सरकार के 7 साल के सुशासन से लड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश तथा राजस्थान में सीएम का चेहरा तय नहीं किया जाएगा और यहीं से अब यह मान लिया जाए की पार्टी मोदी के चेहरे के मुकाबले किसी अन्य चेहरे को राष्ट्रीय नेतृत्व पर दिखाना नहीं चाहती, उत्तरप्रदेश उसकी मजबूरी रही होगी क्योंकि वहां पर लोकसभा की सीट ज्यादा है और उसके मुकाबले राजस्थान, मध्यप्रदेश में लोकसभा की सीटें कम है। मध्यप्रदेश में अन्य राज्यों के तर्ज पर सीएम का चेहरा बदला भी जा सकता है और उसके लिए अभी 8 महीने का समय है। हमारा आकलन छत्तीसगढ़ के बारे में विशेष तौर पर है कांग्रेस में भूपेश बघेल की डेसिंग राजनीति के मुकाबले भाजपा की मजबूरी है कि छत्तीसगढ़ में उसके पास उतना चमकदार कोई चेहरा नहीं है पुराने चेहरों में बृजमोहन अग्रवाल जिन्होंने नेता प्रतिपक्ष बनने का जोर दिखाया था इन दिनों भूपेश से सेट बताए जा रहे हैं ऐसे में आदिवासी बहुल राज्य जिसकी राजनीति के केंद्र में 10 साल से ओबीसी है एक अग्रवाल को सीएम पद का चेहरा कैसे बनाया जा सकता है। अन्य नेता पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय में किसी पर भी उनका अब तक का प्रदर्शन देखते हुए दाव नहीं लगाया जा सकता, सो उच्च स्तर पर यह तय है कि अगले चुनाव में किसी एक चेहरे को आगे किया ही न जाए और फिर से केवल मोदी के चेहरे पर भरोसा रखा जाए इतना ही नहीं सूत्र तो यह भी दावा करते हैं कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ से एक बड़े नेता को राज्यपाल बनाकर सक्रिय राजनीति से नमस्ते कराया जा सकता है वैसे भी अभी रमेश वैश को इसी तरह छत्तीसगढ़ की राजनीति से किनारा किया गया है।


