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अमृत काल में झूठ की नई परंपरा
- By 24hnbc --
- Saturday, 19 Mar, 2022
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर 19 मार्च 2022। कहते हैं यह साल अमृत काल है और इस साल में जितने झूठ सुनाई देंगे उतने हमने कभी नहीं सुने होंगे..... गलत बयानी वह भी उस मुख से जिस पद को पीएम कहा जाता है। इसी साल महर्षि अरविंद की 150 वी जयंती असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी की गिरफ्तारी के 100 साल भारत छोड़ो आंदोलन के 80 साल और आजादी के 75 साल यह सब कुछ मनाया जाएगा । अब यह समझे कि अमृत काल में कश्मीर फैक्ट फाइल फिल्म की चर्चा होगी 1984 के सिख हिंसा की चर्चा होगी किंतु 2002 के गुजरात हिंसा की चर्चा नहीं होगी। माया कोडनानी, बाबू बजरंगी की चर्चा नहीं होगी दुर्गुण द्वारा सदगुण को श्रद्धांजलि का नाटक होगा । झूठ ऐसे परोसे जाएंगे और एक माननीय कई माननीयों के सामने गलत बयानी करेगा तभी तो अवतार कहलाएगा। मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम ने जो कुछ कहा वह आधा सच है मामला कश्मीर फैक्टफाइल फिल्म देखने के बाद का है पीएम ने कहा एक विदेशी ने गांधी पर फिल्म बनाई तब दुनिया ने गांधी को जाना फैक्ट उल्टा है दुनिया गांधी को जानती थी जानती है इसलिए उन पर फिल्म बनी। फिल्म 1982 रिचर्ड एटनबरो ने बनाई लेकिन गांधी को तो 1883 में ही दुनिया जान गई थी। जेन इस्मार्ट दो बार दक्षिण अफ्रीका के पीएम रहे 7 अगस्त 1942 को लंदन में विंस्टन चर्चिल से मिले तब उन्होंने कहा कभी भी गांधी को कम मत आंकना वह ईश्वर के आदमी हैं और हम तुम तुक्क्ष प्राणी हैं। यह बात एमजे अकबर ने गांधीज हिंदुइज्म द स्ट्रगल अगेंस्ट जिन्नात इस्लाम में कही है । फिल्म बनने से लोगों ने गांधी को नहीं जाना लोग गांधी को जानते थे इसलिए फिल्म बनी । मार्टिन लूथर किंग जूनियर, नेलसन मंडेला दोनों के आदर्श मोहनदास करम चंद्र गांधी थे 1937, 1938, 1947 और हत्या के कुछ दिन पूर्व 1948 में गांधी नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किए गए थे क्या बिना जाने उन्हें नामित कर दिया गया था। अमृत काल है लिहाजा सजग होकर सुनना पड़ेगा अन्यथा झूठ को पहचान ही नहीं पाएंगे।


