24hnbc
अपने ही सीएम के स्वागत में बिखरा-बिखरा, बटा-बटा नजर आई जिला कांग्रेस
- By 24hnbc --
- Friday, 25 Feb, 2022
24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। 353 करोड़ रुपए के लोकार्पण की सौगात देने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आज बिलासपुर आ रहे हैं वे जिस कांग्रेस पार्टी के विधायक दल के नेता हैं यहां वहीं कांग्रेस पार्टी ना केवल बिखरी - बिखरी नजर आती है साथ ही इस कांग्रेस पार्टी में जबरदस्त गुटबाजी है और यह गुटबाजी नारेबाजी में नहीं विज्ञापनों में दिखाई देती है। कुछ दिन पूर्व इसी माह कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी आए थे तब भी जिला कांग्रेस कमेटी ने अपने मेहमानों की गरिमा को खूब ठेस पहुंचाई थी और अब जब सीएम आ रहे हैं तब यही कांग्रेस पार्टी अपने निर्वाचित पार्षदों को नीचा दिखा रही है। मुख्य कार्यक्रम तिफरा ओवरब्रिज का लोकार्पण है इसकी निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी है किंतु पीडब्ल्यूडी ने इस कार्यक्रम में कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभाई यहां तक कि आज के कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री भी नहीं आ रहे हैं । विभाग को यदि अपने मंत्री की चिंता होती तो कम से कम विज्ञापन के द्वारा उन्हें उपस्थिति दी जा सकती थी। यदि पीडब्ल्यूडी को सरकारी महकमा माना जाए और विज्ञापनों से दूर माना जाए तो कांग्रेस पार्टी को इस बात का ध्यान रखना था की पीडब्ल्यूडी मंत्री को विज्ञापनों में उचित स्थान मिलता किंतु यहां तो जिला कांग्रेस कमेटी शहर कांग्रेस कमेटी गुटबाजी से ही नहीं उबर पाते वैसे भी इन दिनों शहर कांग्रेस कमेटी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है वह काफी दिनों से जिला कांग्रेस कमेटी के छतरी के नीचे तिनके के समान भी स्थान नहीं पा रही है विज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी ने निर्वाचित पार्षदों की ऐसी उपेक्षा की कि पार्षदों के नाम भी लिखना गवारा नहीं हुआ नाम न देते तो कम से कम फोटो के साथ पार्षदों के वार्ड का क्रमांक डाल देते, क्षेत्र के नागरिकों को यह तो समझ आता कि उपरोक्त फोटो हमारे वार्ड के पार्षद की है गुटबाजी के कारण ही एमआईसी सदस्यों को भी विशेष स्थान प्राप्त नहीं हुआ। अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन में कांग्रेस एक नेता विशेष की टीम नजर आ रही है और टीम में उन चेहरों को विशेष स्थान है जो अनुशासन हीनता के विभिन्न मामलों में पार्टी के द्वारा बनाई गई जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं । हर बार की तरह इस बार भी बिलासपुर विधायक का चेहरा विज्ञापनों में जोरदार तरीके से उपेक्षित किया गया शायद इसी कारण उनके समर्थक एमआईसी चेहरों को भी यह कष्ट भोगना पड़ा है । उपेक्षा केवल पार्षदों की नहीं हुई प्रदेश कांग्रेस संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष की हैसियत से जो महिला नेत्री वाणी राव हाल ही में नियुक्त हुई हैं उन्हें भी स्थान नहीं दिया गया जबकि बिलासपुर जिले में 2-3 प्रदेश उपाध्यक्ष नहीं है ऐसे में एकमात्र प्रदेश उपाध्यक्ष को उसी का राजनैतिक दल अपने ही शहर में विज्ञापन में स्थान न दें इससे ज्यादा दुविधा पूर्ण स्थिति क्या हो सकती है। नगर निगम की अपनी छवि शहर में कितनी अच्छी है कार्य कितने अच्छे हैं उसे हाईलाइट करने के लिए निगम को एक फीचर इम्पेक्ट छपवा ना पड़ा इससे यह भी समझ आता है कि निगम सकारात्मक खबरों के लिए संघर्षरत है और राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार से मिले हुए तमगे कोई काम के नहीं हैं इस लिहाज से नगर निगम के विभागीय मंत्री को ध्यान देना चाहिए कि निगम की वित्तीय स्थिति कितनी बुरी है पूरे माह निगम में सफाई कर्मचारियों ने अपनी कंपनी के खिलाफ आंदोलन किया जनता को 2 साल से सिटी बस नसीब नहीं है, पेयजल के पाइप लाइनों की हालत खराब है, पानी के स्थान पर नल घर-घर बीमारी बांट रहा है और निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधि केवल बातों का बताशा बांट रहे हैं साथ ही गुटबाजी में अपने ही निर्वाचित विधायक को कैसे नीचा दिखाया जाए पर विशेष मेहनत करते हैं आज बिलासपुर शहर की जनता को काफी दिनों से अपेक्षित तिफरा ओवरब्रिज प्राप्त हो रहा है । जिला प्रशासन ने उजाला बिखरा दिया है तब जब हम देवरीखुर्द की ओर से महमंद की ओर जाते हैं तब भी एक ओवर ब्रिज मिलता है और इस ब्रिज पर रात के समय एक भी लाइट नहीं जलती कुछ यही स्थिति उसलापुर ओवरब्रिज की भी है ऐसे में स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि पूर्व से प्राप्त सुविधाओं का रखरखाव उपेक्षित ना हो जैसा कि हो रहा है।


