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प्रदेश अध्यक्ष के तीखे बोल के बावजूद बिलासपुर के नेता नहीं छोड़ सके गुटबाजी

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समाचार - रायपुर
रायपुर। 12 फरवरी को बिलासपुर में कांग्रेस का संभाग स्तरीय सदस्य सम्मेलन हुआ। पीसीसी अध्यक्ष जानते हैं कि बिलासपुर जिले में संभाग में कांग्रेस की हालत अच्छी नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां 11 सीटें हारी थी, इसी कारण बिलासपुर को संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन का चेहरा बनाया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मेहनत पर किसी को संदेह नहीं है किंतु उनके प्रयास के बावजूद बिलासपुर में कांग्रेस की गुटबाजी थम नहीं रही। गुटबाजी अपनों के बीच ही रहती तो अनदेखी हो भी जाती किंतु इस बार मेहमानों ने हद पार कर दी और गुटबाजी अनदेखी का शिकार मेजबान हो गए। जबकि हमारी संस्कृति तो अतिथि देवो भाव: की है। बिलासपुर में संभाग स्तर कार्यकर्ता सम्मेलन था जिसका अर्थ यही है कि बिलासपुर संभाग के अंतर्गत शामिल जिले कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा, मुंगेली, गौरेला पेंड्रा मरवाही के पार्टी पदाधिकारी तथा शहर अध्यक्ष, जिला ग्रामीण तो इसमें अनिवार्य रूप से उपस्थित हुए होंगे साथ में उनके ब्लॉक अध्यक्ष भी आए होंगे किंतु मेहमानों ने शहर अध्यक्ष, जिला ग्रामीण अध्यक्षओं का नाम भी समाचारपत्रों में देना जरूरी नहीं समझा और ऐसा इसलिए हुआ कि बिलासपुर कांग्रेस में गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है । प्रदेश अध्यक्ष ने विधायकों को अप्रत्यक्ष चेतावनी भी दी किस्सा 2013 का बताया। कहा कि 27 सीटिंग एमएलए हारे थे इशारा यही है कि इस बार 2013 के समान सीटिंग एमएलए की टिकट पक्की नहीं है। गुटबाजी के हल्के स्तर को हाईकमान ने गंभीरता से लिया बताते हैं। 
वैसे बताया जाता है कि जहां पर सम्मेलन रखा गया था वह स्थान ही भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत नेता मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे लखीराम जी के नाम पर है इसे भी कई कार्यकर्ता मुस्कुरा कर एक-दूसरे से पूछ रहे थे।