No icon

24hnbc

उतार चढ़ाव से भरा पूरा रहा खंडेलवाल जी का राजनीतिक सफर

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। यह बात कम ही लोग जानते हैं कि मूलचंद खंडेलवाल ने लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में एक बड़ी राजनीतिक सभा में जनसंघ को छोड़ इंडियन नेशनल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। यह बात अलग है कि आपातकाल खत्म होने के बाद वे फिर से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। 1972 से 75 के बीच गोल बाजार क्षेत्र में पार्षद भी रहे, उस वक्त निगम के महापौर श्रीधर मिश्र हुआ करते थे। बिलासपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी का खाता खोलने का श्रेय खंडेलवाल जी को जाता है। उन्होंने बीआर यादव के खिलाफ दो बार चुनाव लड़ा एक बार जीते एक बार हारे, 1990 में जब उन्होंने बी आर यादव को विधानसभा चुनाव में हराया और पहली बार विधायक बने तब सुंदरलाल पटवा मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री भी बनाए गए। इस तरह पहली बार विधायक बने और कैबिनेट मंत्री भी बने उन्हें फूड और इंडस्ट्री मंत्रालय मिला था भाजपा में जब लखीराम अग्रवाल गुट का वर्चस्व जैसे-जैसे बड़ा वैसे-वैसे मूलचंद खंडेलवाल की राजनीति सिमटती चली गई। भारतीय जनता पार्टी के वह नेता जो लखीराम के छाते के बाहर राजनीति करते थे उन्हें खंडेलवाल जी का हमेशा योगदान मिलता था छत्तीसगढ़ की राजनीति में मूलचंद खंडेलवाल ने कोटा से एक बार श्रीमती रेणु जोगी के खिलाफ चुनाव लड़ा और वे बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा इनके बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में कभी सक्रिय भूमिका नहीं मिली। बिलासपुर राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के लिए मूलचंद खंडेलवाल का बड़ा योगदान है उनका राजनीतिक जीवन जिस तरह दांवपेच वाला था वह छाया मुक्तिधाम में भी दिखाई दी उनके समर्थकों ने निष्पक्ष तरीके से शोक सभा का संचालन भी नहीं किया।