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दिल्ली दरबार न जाकर राजनैतिक परिपक्वता का संदेश दिया मोहन मरकाम ने...

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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस पार्टी का हर नेता दिल्ली में एआईसीसी दफ्तर से लेकर प्रदेश प्रभारी के घर तक चक्कर काट रहा था प्रदेश की जनता को कुछ यूं दिखाया जा रहा था मानो आलाकमान का निर्णय इन्हीं की राय से होने वाला हो, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अंतिम सप्ताह में दो बार दिल्ली दौरा किया स्वास्थ्य मंत्री लगातार दिल्ली में ही डटे रहे और 28 तारीख की रात प्रदेश मुख्यमंत्री के बाद वापस राजधानी रायपुर आए इस बीच में 4 दर्जन से अधिक विधायक निगम मंडल के अध्यक्ष जिनमें कुछ प्रदेश कांग्रेस के बड़े पदाधिकारी भी हैं । लगभग 10 महापौर संगठन के कुछ नेता और फेडरल ऑर्गनाइजेशन के कई पदाधिकारी दिल्ली में स्वप्रेरित पहुंचे इन सबके बीच में एक चेहरा ऐसा भी था जो दिल्ली नहीं गया और वह है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम वे बिलासपुर और गौरेला पेंड्रा जिले में सक्रिय थे। बिलासपुर का उनका दौरा पूर्व निर्धारित था गौरेला पेंड्रा में वह विधायक ध्रुव के पुत्र के निधन पर शोक व्यक्त करने गए थे एक स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि जब दिल्ली में विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक सक्रिय थे तो मोहन मरकाम दिल्ली क्यों नहीं गए.... ?जबकि अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में ही वह दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके थे राजनीतिक सूत्रों की माने तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली ना जाकर राजनीतिक परिपक्वता का उदाहरण दिया वे वर्तमान गुटबाजी की में तटस्थ नजर आए इन दिनों प्रदेश अध्यक्ष का एक ही एजेंडा है कि बूथ लेवल पर पार्टी को कैसे मजबूत करें और बूत ही चुनाव जीताता है यदि बूत प्रभारी अपने बूत की चिंता करें और पड़ोसी बूथ पर राजनीति ना करें तो पार्टी की जीत होगी । प्रदेश अध्यक्ष को पता है कि चुनाव संगठन को लड़ना है सत्ता को नहीं ! प्रत्याशी संगठन को तय करने हैं सत्ता को नहीं और कार्यकर्ताओं का ख्याल संगठन को ही रखना है पार्टी के भीतर और बाहर भी अनुशासन संगठन को ही देखना है इन सब बातों का सार यह है कि आलाकमान चाहे किसी को भी प्रदेश का नेतृत्व सौंप दें मोहन मरकाम पार्टी संगठन के प्रति वफादार रहेंगे और उन्हें यह पता है कि सरकार जिस घोषणा पत्र को लेकर इन दिनों वैसी सक्रिय नजर नहीं आती जैसे पहले थी तो संगठन को ही सत्ता को यह बताना है कि प्रत्येक माह दो बार मंत्रियों को राजीव भवन में बैठना है और यह सिलसिला शीघ्र ही चालू हो इसी में पार्टी की भलाई है।