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जांजगीर कांग्रेस मुक्त, सक्ति भाजपा मुक्त, नया जिला बनने से बदली राजनीतिक तस्वीर
- By 24hnbc --
- Tuesday, 17 Aug, 2021
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समाचार -
बिलासपुर । चांपा जांजगीर जिले से सक्ति कटने के बाद इस क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पूर्व जिला चांपा जांजगीर में 6 विधानसभा क्षेत्र हुआ करते थे जिसमें से एक पामगढ़ एससी के लिए आरक्षित था और शेष अनारक्षित थी। सक्ति जिला बनने के बाद सक्ति जिले में 3 विधानसभा सीटें आई जिसमें से पूरी की पूरी अनारक्षित हैं । सक्ति जयजयपुर और चंद्रपुर जिसमें से सक्ति कांग्रेस, चंद्रपुर कांग्रेस और जयजयपुर बसपा के पास है जबकि जांजगीर में पामगढ़ बसपा, अकलतरा बीजेपी, जांजगीर बीजेपी इस तरह सक्ति पूरी तरह भाजपा मुक्त हो गया और जांजगीर पूरी तरह कांग्रेस मुक्त हो गया । जांजगीर जिले में कांग्रेस के संगठन के अध्यक्ष चोलेश्वर प्रसाद का गृह ग्राम सक्ति में आता है इस तरह अब चांपा जांजगीर जिले में कांग्रेस को अपना नया अध्यक्ष बनाना पड़ेगा । चांपा जांजगीर सक्ति अविभाजित रूप से भी पूरे जिले में एसटी समुदाय के लिए कोई विधानसभा सीट आरक्षित नहीं थी ऐसा बताया जाता है सक्ति विधानसभा जहां से वर्तमान में कांग्रेस के चरणदास महंत विधायक हैं वे विधानसभा अध्यक्ष भी हैं और सक्ति में ही एसटी वोटों की संख्या लगभग 40 हजार है एक समय था जब 1998 तक इस विधानसभा क्षेत्र से आरक्षण नहीं होने के बावजूद एसटी समाज के सुरेंद्र बहादुर सिंह विधायक हुआ करते थे तब तक आदिवासी वोटरों ने कभी भी आरक्षण की मांग नहीं की 1998 में सुरेंद्र बहादुर को मेधाराम ने चुनाव हराया । तब से सक्ति में आदिवासी प्रतिनिधित्व समाप्त हुआ है । 2013 में सुरेंद्र बहादुर सिंह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की तरफ से चुनाव लड़े और हारे उन्हें लगभग 15 हजार वोट प्राप्त हुआ था 2021 में अगले विधानसभा चुनाव 2024 के पूर्व जब सक्ति नया जिला बन कर उभरा है तो प्रदेश के नेतृत्व में इस जिले का निर्माण राजनीतिक नफा नुकसान देखे बिना किया है यह एक अच्छी बात है किंतु भूपेश विरोधी दवे स्वर में यह जरूर कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष के राजनैतिक प्रभाव को एक झटके में केवल सक्ति जिले तक सीमित कर दिया है।


