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हॉस्टल पर कब लागू होंगे नियम
- By 24hnbc --
- Saturday, 11 Oct, 2025
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बिलासपुर, 12 अक्टूबर 2025।
जिस तरह बिलासपुर में अलग-अलग कॉलोनीयो में घरों का किराया अलग-अलग है इस तरह हर कॉलोनी में हॉस्टल का रूम रेंट अलग-अलग है। पर एक बात जो पूरे शहर पर लागू है हॉस्टल व्यवसाय कहीं पर नियमों के अंतर्गत नहीं है या यूं कहे की स्मार्ट सिटी हॉस्टल के मामले में भी नियमों से ऊपर है।
तिलक नगर चांटापारा क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पीछे से लेकर हरिभूमि चौराहे तक आधा दर्जन से ज्यादा हॉस्टल हैं इसमें छोटे और बड़े हर किस्म के हॉस्टल हैं। छोटे हॉस्टल को यदि नियमों से छठ मां भी ली जाए तो बड़े हॉस्टल पर तो नियम लागू होने ही चाहिए। असल में हर उसे कॉलोनी में बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल खुले हैं जहां कोचिंग संस्थान काम करती है या व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के कॉलेज हैं। हॉस्टल संचालक के क्षेत्र में राजनीतिक परिवारों ने भी हाथ डाल दिया है इसके पीछे गहरे राज हैं। जिन पर चर्चा बाद में करेंगे पहले एक कमरे में कितने छात्र छात्राएं रहेगी पर नियम होना चाहिए। दूसरा पोस्ट ऑफिस के पीछे से हरिभूमि चौक तक जितने भी हॉस्टल हैं अधिकतर में यह बाध्यता है कि रहने वाला छात्र-छात्राएं वहीं से टिफिन प्राप्त करेगा। करण टिफिन उद्योग में डबल कमाई का स्कोप है। एक बेड आमतौर पर ₹2500 में प्राप्त होता है। कुछ हॉस्टल के सबसे बड़ी समस्या प्रधान का छत पर होना एक विशेष बात हॉस्टल की बिल्डिंग में अन्य व्यवसाय भी किए जाते हैं अधिकतर हॉस्टल पंजीकृत नहीं है। पंजीयन इसलिए आवश्यक है कि यहां के बड़े हॉस्टल में तो 50 से ज्यादा छात्र छात्राएं रहते हैं। संबंधित थाने में भी हॉस्टल की कोई अलग सूची नहीं है कहीं इसे हॉस्टल कहीं पीजी के रूप में शो किया जाता है। इसके पीछे टैक्स का मामला है। अधिकतर स्थान पर इमारत का संपत्ति कर में गड़बड़ी है भवन का पंजीयन व्यावसायिक नहीं है।


