
बिलासपुर 24 hnbc.
रेंजर भयादोहन मामला जितना मुंगेली में चर्चित नहीं हुआ है उसे ज्यादा बिलासपुर में हुआ कारण यह है कि रेंजर नेताम लंबे समय तक बिलासपुर में पदस्थ था और दोनों आरोपी परमवीर मरहास और वर्षा तिवारी बिलासपुर की अभिजात्य कालोनियां मीनोचा कॉलोनी और नेचर सिटी में रहते थे । कल ही वन विभाग ने अपने रेंजर नेताम को निलंबित करने का निर्णय भी लिया है क्योंकि रेंजर राजपत्रित श्रेणी का अधिकारी है इसलिए उनकी निलंबन की अनुशंसा की फाइल ऊपर भेज दी गई है। परमवीर मरहास पत्रकारिता में हाथ आजमाने से पहले जस गीत और जगराता का चर्चित नाम हुआ करता था शहर में और आसपास जिस किसी को सभा, सोसाइटी को जगराता, देवी गीत जैसे कार्यक्रम कराने होते थे उनके लिए परमवीर एक नामचीन नाम था। ग्लैमर और दिखावा जगराता के आवश्यक तत्व है और इन सब से परमवीर को कोई परहेज भी नहीं था जगराता कार्यक्रमों के कारण उसे हमेशा फ्लर्ट लाइट में रहने की आदत भी हो गई थी शहर के क्रीमी लेयर में घूमना उसे खूब भाता था यही कारण है कि पत्रकारिता में वह कभी भी बैकबेंचर नहीं रहा। पत्रकार वार्ता में आगे-आगे दिखना अधिकारियों की खूब फोटो खींचना और हमेशा ऐसे स्थानों पर बैठना जहां से कैमरा उसे देख सके इसी गुण के कारण बिना पढ़े लिखे वह जल्दी ही पत्रकार के रूप में पहचाना जाने लगा था। इन दिनों छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता में सफल पत्रकार वही है जिसके पास एक फीमेल एडिशन हो और परमवीर के पास वर्षा भी इस नाते थी असल में जंगल विभाग में रेंजर नेताम अकेला शिकार नहीं है किंतु इस खुलासे के बाद अब सब ने अपना होंठ सी लिया है जो जेल गए वह कुछ कह नहीं रहे पुलिस ने भी खूब दोस्ती निभाई रिमांड पर नहीं लिया जुडिशल कस्टडी दे दी फरार आरोपी सरताज अभी भी अपने लिंक के माध्यम से नाम हट जाने का प्रयास कर रहा है। बताया जाता है कि ना तो वह नेपाल भागा है और ना ही कहीं दूर वह छत्तीसगढ़ में ही निवास कर रहा है असल में गुप्त रूप से समय काटने में उसकी जाति बिरादरी उसकी मदद कर रहे हैं क्योंकि उसके पास पैसा बहुत है और नग तथा चश्मे बेचने वाले को लो प्रोफाइल में जीना आता है तंत्र के खेल का सरताज अकेला खिलाड़ी नहीं है बिलासपुर में और भी तांत्रिक पुलिसिया विभाग से लेकर कोर्ट कचहरी तक सक्रिय है जो चुटकियों में बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान बताने का दावा करते हैं और यह समाधान तंत्र से नहीं रुपयों से होता है। कुल मिलाकर अभिजात्य वर्ग के भीतर इन दिनों खलबली मची है भायादोहन की कहानी इतने तक ही सीमित रहे।