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24hnbc रेंजर ब्लैकमेलिंग क्या इतना ही है मामला
Thursday, 04 Feb 2021 18:00 pm
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बिलासपुर 24 HNBC. 

बिलासपुर। मुंगेली पुलिस ने कल जिस कथित पत्रकार ब्लैक मेलिंग कांड का खुलासा किया है उसमें वेव पत्रकार परमवीर मरहस पत्रकारिता में चर्चित चेहरा रहा है। वह पत्रकारों के बीच में 1 वर्ष पूर्व खूब उठना बैठना करता रहा और उस वक्त स्थानीय वेब पोर्टल से जुड़ा भी रहा, बाद में उसने अपना पोर्टल डाला उसके साथ आने वाली महिला मित्र वर्षा तिवारी को भी पत्रकार वार्ता में एक साथ देखा जाता था। अखबारों में जो फोटो प्रकाशित हुई है वास्तविकता में मरहस मुंडा पंजाबी हैं और इनके परिवार मैं कुछ रिश्तेदार बड़े अधिवक्ता माने जाते हैं यहां तक कि एक समय वह डिप्टी एजी भी रहे हैं । यह बात गले नहीं उतरती कि जंगल विभाग का ऐसा कौन रेंजर है जो इतना सीधा है उसे कोई पत्रकार करोड़ों रुपए से ब्लैकमेल कर ले जंगल विभाग में एक से एक भ्रष्ट अधिकारी हैं और उनका नाता रोज असली और नकली पत्रकारों से होता है किस मामले का सेटलमेंट कितने रुपए से हो सकता है यह बात अच्छे से जानते हैं। कुछ पत्रकार तो पत्रकारिता छोड़कर जंगल विभाग में ठेकेदारी तक करने लगे हैं और कुछ पत्रकार केवल ऐसे ठेकेदारों से ही सूचना प्राप्त करके भ्रष्ट अधिकारियों की पोल पट्टी छापते हैं ऐसे में ऐसा लगता है कि मुंगेली का रेंजर जिसे मरहास और उसकी महिला मित्र ब्लैकमेल कर रहे थे उस में कहीं हनी ट्रैप जैसा मामला न हो जिस तांत्रिक को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है उसे कंपनी गार्डन के आसपास चश्मा और नग बेचते बहुतायत से लोगों ने देखा है। किंतु यह अकेला ऐसा तांत्रिक नहीं है जो ऐसे कामों पर लगा है जिला कोर्ट में भी ऐसे कुछ रतन पारखी हैं जो दलाली के खेल में अंदर तक पहुंच रखने का दावा करते हैं। 

 

गौरतलब है कि जिला न्यायालय में कुछ दिन पूर्व एक न्यायालयीन कर्मचारी जेल दाखिल हुआ और उसके जेल जाने के बाद से लाखों रुपए का हिसाब गड़बड़ हो गया बताया जाता है। इतना ही नहीं बिलासपुर के फॉरेस्ट में एक आईएफएस अधिकारी कुछ दिन पूर्व अच्छी नियुक्ति के नाम पर 40 लाख रुपए से ज्यादा की रकम गवा बैठे थे जिसमें से लगभग 32 लाख रुपया एक बड़े नेता ने डकार लिया और शेष रकम दुर्ग के एक युवा नेता ने आकर बिलासपुर से ले ली दोनों ने अधिकारी को अच्छी नियुक्ति का भरोसा दिलवाया था किंतु काम नहीं हुआ कुल कहने का आसय इतना है की जंगल में यदि अधिकारी ही शिकार होने लगे तो फिर दोष किसे दिया जाएगा।