
बिलासपुर से अंबिकापुर और कोरबा को जोड़ने वाला मार्ग जिसे नेशनल हाईवे 130 कहां जाता है। कहा जाता है के निर्माण का कार्य जोरों पर है बिलासपुर में सेंदरी से लेकर नेशनल हाईवे के काम को देखा जा सकता है । जहां एक और एक छोटी सी फैक्ट्री लगाने के लिए जनसुनवाई की आवश्यकता होती है वही नेशनल हाईवे का निर्माण इन सब कानूनों से ऊपर है। बिलासपुर के पास रतनपुर धार्मिक राजधानी है इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान यहां के तालाब और पहाड़ हैं किंतु आने वाले समय में यहां के तालाब बिना पानी के होने वाले हैं और उसके बाद इन्हें पाठ कर छोटे टुकड़ों में बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। और इसका कारण यहां से निकलने वाला नेशनल हाईवे बनेगा क्योंकि इस नेशनल हाईवे ने रतनपुर क्षेत्र के पहाड़ों को खत्म कर दिया है। पहाड़ों के खत्म होने से परिस्थितिकी संतुलन बिगड़ेगा प्रतिवर्ष औसत बारिश में कमी होगी और पहाड़ों से एकत्र होकर आने वाला जल तालाब तक नहीं पहुंचेगा ऐसे में जब तालाब में पानी ही नहीं भरेगा तो वसुंधरा के गर्भ में पानी पहुंचेगा कहां से सो यह तय माना जाए की भूमिगत जल भी एकत्र नहीं होगा फिलहाल यह नेशनल हाईवे जिसे यहां का जनप्रतिनिधि जीवन रेखा मांग रहा है वह क्षेत्र की मृत्यु रेखा बनते देर नहीं लगेगी।