
24HNBC जबलपुर, । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नर्मदा के घाटों रियल टाइम वॉटर मॉनीटरिंग स्टेशन अनिवार्य किए हैं। इसके बावजूद जबलपुर के किसी भी नर्मदा घाट में यह व्यवस्था फिलहाल नदारद है। इस वजह से नर्मदा जल की गुणवत्ता व प्रदूषण की जांच में आधुनिक तकनीक व प्रक्रियाओं का उपयोग नहीं हो पा रहा है।नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर के प्रांताध्यक्ष डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि ग्वारीघाट को तीर्थ क्षेत्र घोषित किए जाने के बावजूद वहां रियल टाइम वॉटर मॉनीटरिंग स्टेशन का अभाव चिंताजनक है। यहां पूर्ववत मैन्युअल प्रक्रिया से नर्मदा जल को प्रदूषण से बचाने की कवायद की जाती है, जो कि बढ़ते प्रदूषण के दौर में नाकाफी है।उन्होंने बताया कि भेड़ाघाट बस्ती का सीवेज जल खुले तौर पर पंचवटी में मिल जाता है। इस वजह से नर्मदा में प्रदूषण हो रहा है। एक सुप्रसिद्ध नर्मदा तट का यह हाल बेहद चिंताजनक है। इसे लेकर कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अमलों की कुंभकर्णी निद्रा बरकरार है।