
24HNBC डभरा । डभरा क्षेत्र में स्थापित एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड कंपनी प्रबंधन के खिलापᆬ प्रभावित गांवों के किसानों ने आज धरना प्रदर्शन किया और अधिग्रहित जमीन के बदले नौकरी देने या एकमुश्त समझौता राशि देने की मांग की गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने समझाईश दी और उन्होंने उनकी मांगो को उच्चाधिकारियों को अवगत कराने और मार्च महीने के प्रथम सप्ताह में बैठक आयोजित करने की बात कही तब ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। वर्ष 2009 से तहसील डभरा के ग्राम सिंघीतराई ओड़ेकेरा निमोही के किसानों की जमीन को औद्योगिक नीति के तहत अधिग्रहण कर अथेना छग प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक पीड़ित किसानों को पावर कम्पनी द्वारा कोई सुविधा नहीं दी जा रही है और कंपनी भी 5 साल से बंद है। तहसील डभरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघीतराई , ओड़ेकेरा एवं निमोही के दो फसल सिंचित जमीन को छग शासन उद्योग विभाग मंत्रालय द्वारा औद्योगिक नीति 2004-09 के अनुसार 477 . 35एकड़ भूमि को अधिग्रहित कर एथेना छग पावर प्रालिमि हैदराबाद को लीज में दी गई। जो 2010 से अब तक प्रभावित किसानों के हित में कोई कार्य नहीं कर सकी। न ही कंपनी को दी गई जमीन को सरकार वापस ले रही है। आज प्रभावित किसानों ने 4 सूत्रीय मांगो को लेकर कंपनी के गेट के पास सुबह 9.30 बजे से धरना प्रदर्शन शुरू किया और भूमि अधिग्रहण के बदले नौकरी या रोजगार, नौकरी नहीं देने की स्थिति में किसानों को एकमुश्त जीवन निर्वाह भत्ता 50 लाख रूपए देने, जमीन किसानों को वापस करने तथा ढाई वर्ष से अधिक समय के अस्थाई भत्ता पुर्नवास नीति के तहत देने की मांग की गई।