
बिलासपुर 24 एच एन बी सी :-
सभी मानव समाज में अपने मार्गदर्शकों को श्रद्धांजलि देने का एक तरीका यह भी है कि उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाती है और उनके कार्यों को याद रखा जाता है । जो लोग इन तरीकों से इतिहास को सहेजते हैं उनके अतिरिक्त ऐसे लोग बड़ी संख्या में हैं जो जाने अनजाने ऐसे कामों को अंजाम देते हैं जिससे इन प्रतिमाओं का और उस व्यक्तित्व का सम्मान घटता है। जिनकी याद में इन्हें स्थापित किया जाता है बिलासपुर के ट्रैफिक थाने के पास आईपीएस विनोद चौबे की एक बड़ी प्रतिमा 26 अन्य वीर सपूतों के नाम के साथ लगी है , इस प्रतिमा के सामने इन दिनों नगर निगम के निर्वाचित दो जन प्रतिनिधियों का एक बैनर लगा हुआ है बैनर की साइज इतनी बड़ी है कि वीर सपूत की प्रतिमा और उसका पेडल स्टैंड पूरी तरीके से ढक गया है बैनर लगाने वाले कार्यकर्ता क्या पता किस भावना के साथ अपने नेता के स्वागत में इतना रम जाते हैं कि उन्हें यह भी समझ नहीं आता कि बैनर कहां लगाना चाहिए। रोज इस मार्ग से जाने कितने उच्च अधिकारियों का आना जाना होता है, उन्हें भी यह बैनर अनुचित तरीके से लगा है इस बात का ख्याल नहीं आता।