
बिलासपुर (24 एच एन बी सी) :-
पूरे देश में हर राजनीतिक दल यह बताने में लगा है की सत्ता में बैठा हुआ व्यक्ति किसान विरोधी है। छत्तीसगढ़ में ड्रामे के लिए पहचानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी के नेता अब अपना नाटक बैलगाड़ी पर बैठकर करेंगे। जिससे ऐसा लगे कि भाजपा के नेता किसानों के दुख दर्द को अच्छे से समझते हैं, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभी तक ठीक-ठाक चल रही है ।
31 जनवरी के पहले ही धान खरीदी का लक्ष्य भी पूरा हो जाएगा। राज्य में पंजीकृत किसानों में से 15 लाख किसान धान दे चुके हैं , और 90 लाख मैट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य 25 जनवरी तक ही पूरा हो जाएगा। प्रदेश की 2200 समितियों में धान खरीदी लगातार चल रही है इसके बावजूद भाजपा के नेता पहले 13 जनवरी को सभी विधानसभा क्षेत्रों में किसानों की परेशानी को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे फिर 20 जनवरी को जिला स्तर पर प्रदर्शन होगा और 22 जनवरी को बूढ़ा तालाब से बैलगाड़ी में बैठकर नेता राज्यपाल को ज्ञापन देने जाएंगे। किसानों के पक्ष में प्रदेश भाजपा खड़ी दिखाई दे रही है किंतु किसी विपक्षी पार्टी को लगातार बढ़ रही महंगाई मुद्दा नहीं दिखाई देती खाद्य तेल 95 रुपए लीटर से बढ़ते बढ़ते 125 रुपए लीटर पहुंच गया, गैस सिलेंडर 783 पर है, और पेट्रोल के दाम पर एक पैसे दो पैसे होते होते 4 रुपए का अंतर आ चुका है। अनाज से लेकर आलू प्याज के दाम तक 40 के पास चलते हैं इसके बावजूद महंगाई भाजपा का मुद्दा नहीं है कारण साफ है कि महंगाई पर आंदोलन करने से केंद्र के खिलाफ मुंह खोलना पड़ेगा और यह भाजपा के लिए संभव नहीं जबकि किसान दिल्ली में मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और प्रदेश में भाजपा नेता किसान के पक्ष में भूपेश के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।