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24hnbc 13 जनवरी को प्रत्येक विधानसभा में भाजपा खड़ी दिखाई देगी भूपेश के खिलाफ
Saturday, 09 Jan 2021 00:00 am
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बिलासपुर 24 एचएनबीसी :-

भूपेश सरकार की गलत धान नीति के कारण भारतीय जनता पार्टी को छत्तीसगढ़ में बैठा बैठा ले एक बड़े आंदोलन की भूमिका प्राप्त हुई। अन्यथा 90 विधानसभा वाले राज्य में जनता ने भाजपा को जितना दचेड़ के मारा था 14 विधायकों वाली भाजपा के पास इतना दमखम नहीं था कि बड़े बहुमत वाली भूपेश सरकार के खिलाफ कुछ करते भूपेश सरकार तीसरी बार धार खरीदने जा रही है और एक के बाद एक लगातार गलतियां कर रही है । भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इन परिस्थितियों को पहले से ही आंका था और नया प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के रूप में दिया । साथ ही संगठन मंत्री सौदान सिंह को भी बदला देखते ही देखते मात्र 15 दिनों में भाजपा के कार्यकर्ताओं में नया जोश दिखाई दे रहा है और 14 एमएलए वाली भाजपा 13 जनवरी को 90 विधानसभा क्षेत्रों में भूपेश सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेगी और 20 तारीख को जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा । पहले ही इस स्टेप में यदि हर विधानसभा क्षेत्र में धरने में 2000 कार्यकर्ता भी आ जाएं तो बड़ा आंदोलन दिखाई देगा। एक साथ दो से तीन लाख लोग भूपेश सरकार के खिलाफ 90 स्थानों पर खड़े दिखाई देंगे और यही धरना जिला मुख्यालयों पर होगा और हर जिला मुख्यालय पर यदि 1000 से 2000 पब्लिक भी आ गई तो एक झटके में 14 एमएलए वाली भाजपा एक बड़े विपक्ष के रूप में खड़ा दिखाई देगी । यह स्थिति इसलिए भी मायने रखती है कि केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में लंबा आंदोलन चल रहा है । और यह आंदोलन भी किसानों का खड़ा किया है । भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ खड़े दूसरे राजनीतिक दल प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं, ऐसे में ऐसी राज्य सरकार जो भाजपा के खिलाफ है उनके राज्यों में उन्हीं के खिलाफ किसान आंदोलन खड़ा करना भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं की रणनीति है । अब यह देखने लायक होगा कि बड़े बहुमत वाली भूपेश सरकार भारतीय जनता पार्टी के इस आंदोलन को किस तरह लेती है, साथ में दिल्ली के हाईकमान को भी यह देखना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का संगठात्मक ढाका तेजी से पंचायत स्तर तक पहुंचे जैसा की अब तक की भूपेश नीति से दिखाई दे रहा है कि उन्हें शहरी वोटर की चिंता नहीं है उन्हें ऐसा लगता है ग्रामीण जनता की वोट से ओ जीते हैं और जीत भी जाएंगे। जबकि चुनाव में जब हवा चलती है तो शहर से गांव की ओर मतदाता तैयार होते हैं यदि शहरी जनता के मस्तिष्क में भूपेश सरकार उतर गई तो यह हवा गांव तक जाएगी ऐसे में किसी एक वोटर के भरोसे नहीं बैठा जा सकता, लगता है कि इस बार राजनीति का केंद्र बिंदु किसान होगा ऐसे में मध्यमवर्गीय वोट निर्णायक बन जाएंगे ।