
बिलासपुर (24 एच एन बी सी) :-
बिलासपुर विधायक और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एक अध्यक्ष के बीच के विवाद पर पीसीसी ने 3 सदस्यों की जांच कमेटी बना दी है। ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा किए गए अपमानजनक व्यवहार से क्षुब्ध होकर विधायक ने पूरे मामले की जानकारी पीसीसी अध्यक्ष को 5 तारीख को दी उन्होंने राजीव भवन रायपुर जाकर शिकायत की विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति बनी है। प्रभारी महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला ने समिति सदस्यों कन्हैया अग्रवाल, चुन्नीलाल साहू, पीयूष कोसरे को कहा है कि तत्काल बिलासपुर का दौरा कर 3 दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। पीसीसी ने जिस गंभीरता और त्वरित तरीके से इस शिकायत को लिया है लगता है कि पीसीसी इस बार अपने पदाधिकारियों के आचरण को लेकर गंभीर है । बिलासपुर में कांग्रेसी नेताओं के आचरण के कारण हमेशा पार्टी की किरकिरी होती है। 2 वर्ष पूर्व कांग्रेस भवन में पूर्व शहर अध्यक्ष का आचरण भी कई बार अखबारों की सुर्खी बना था। इसी तरह एक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने कोनी थाने में धरना प्रदर्शन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी को लेकर अभद्र वार्तालाप की थी इसका वीडियो खूब वायरल हुआ था। 2018 के चुनाव में बिलासपुर विधायक टिकट घोषणा के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता द्वारा प्रत्याशी को ना केवल गाली दी गई बल्कि उसे चुनाव में निपटा देने की बात कही गई थी विधायक शैलेश पांडे चुनाव तो जीत गए लेकिन कांग्रेस भवन में अंदर और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी उनके साथ कई बार बेअदबी हो चुकी है । कभी इसे घर का मामला कभी फोरम में उठाने की बात कह कर अब तक मामला चलता रहता था किंतु 4 जनवरी को सर्किट हाउस में जिस तरह से एमएलए और ब्लॉक अध्यक्ष के बीच व्यवहार हुआ यह मामला सुर्खी में आ गया हैै। विधायक का कहना है कि विवाद को उचित फोरम पर बताएंगे और उन्होंने अपनी बात पीसीसी चिफ के सामने रखी महामंत्री ने जो पत्र जारी किया है । उसमें स्पष्ट लिखा है कि प्रत्यक्षदर्शी और उपस्थित नेताओं से बात की जाए और घटना स्थल पर क्या हुआ तथ्यों के आधार पर जांच रिपोर्ट बनाई जाए।