24 HNBC News
24hnbc उच्च शिक्षा वेंटिलेटर पर 2047 तक आप रहे कोमा में
Monday, 02 Nov 2026 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
बिलासपुर, 3 नवंबर 2026। 
देश की उच्च शिक्षा वेंटिलेटर पर है डाटा ब्लैकआउट है और जिन्होंने उच्च शिक्षा को वेंटिलेटर पर डाला उसमें से एक भी आदमी हमारे आने वाली पीढ़ी को 2047 में नहीं मिलेगा यही है अमृत काल के भारत का सच व्यवस्था में बैठे लोग 2014 से 2026 तक क्या किया इसका जवाब नहीं देंगे। 2047 का सपना दिखाएंगे और उस समय न आप जवाब लेने के लिए जिंदा रहेंगे न वो देने के लिए जिंदा रहेंगे। देश की टॉप शिक्षा संस्थानों में 46000 पद हैं। इनमें से कितने पद खाली हैं इसे बताने के जगह पर कितनी जगह पर संविदा नियुक्ति कर दी गई है यह बताया जाता है। पर स्रोत बताता है कि 14000 पद खाली हैं। शिक्षा मंत्री पार्ट टाइम है और यूजीसी जैसे संस्थान के अध्यक्ष का पद 19 महीने से खाली है। ट्रिपल आईटी में 56.2% पद प्रोफेसर के खाली हैं एसोसिएट प्रोफेसर के 38.3 % पद खाली हैं और असिस्टेंट प्रोफेसर के 18% पद खाली हैं। आईआईएम में अर्थात प्रबंधन में 32 % पद खाली है एनआईटी में 28% पद खाली है आईआईटी में 38% पद खाली हैं। इसी कारण रिसर्च ठप है सरकार की नीतिगत इच्छा ही नहीं थी कि शिक्षा मजबूत हो इसी कारण यूजीसी के स्थान पर शिक्षा अधीनस्थ बिल 2025 लाया गया यह बिल अभी ऑन होल्ड है और यूजीसी जैसे शिक्षा संस्थान को पंगु बना दिया गया। एक प्रोफेसर को सरकार सातवें वेतनमान के अनुसार 1 साल में 27 लाख रुपए देगी। सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों में जब फैकल्टी ही खाली रहेगी तो सीट खाली रहेगी और देश की प्रतिभा मजबूरी में निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने जाएगी। जो सक्षम होंगे वो विदेश चलेजाएंगे। जितनी तनख्वाह सरकार एक प्रोफेसर को देती उतने में देश का एक छात्र या छात्र डिग्री प्राप्त करेगा। अर्थात सरकार ने अंडरग्राउंड निजी क्षेत्र से हाथ मिला लिया कि हम फैकल्टी खाली रखेंगे और आप डिग्री भेजो। हाल ही में जब जेन जी के आंदोलन से शिक्षा मंत्री का पद खाली हुआ तो इस मंत्रालय में तब से अभी तक 3 सेक्रेटरी बदल गए। नीलकनी के नेतृत्व में जो कमेटी सिफारिश के लिए बनाई गई है उसके कार्यकाल को जनवरी 27 तक के लिए बढ़ाया गया। अर्थात पूरी परीक्षा व्यवस्था फिर वेंटिलेटर पर सुझाव यह आया है कि हर जिला स्तर पर एनटीए, एससीसी, बीपीएस और आरआरबी के परीक्षा केंद्र बनें। देखने में यह सुझाव अच्छा लगता है पर इसे मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी के नाम पर होल्ड किया गया। सीधा रास्ता बनाया जाएगा परीक्षा हाइब्रिड सीबीटी के माध्यम से होगी और पूरा काम निजी क्षेत्र को दे दिया जाएगा अर्थात परीक्षा की तैयारी सुरक्षा प्रश्न पत्रों की जांच सब कुछ निजी क्षेत्र के हाथ में दे दिया जाएगा। जब आप गड़बड़ी के बारे में पूछेंगे तो एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा अर्थात देश की उच्च शिक्षा पूरी तरह वेंटिलेटर पर यह कह कर चढ़ा दी गई की विकसित भारत 2047 में बनेगा।