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24hnbc बेलतरा टायकून सीट, बुजुर्गों से लेकर युवा तक की बनी पसंद
Thursday, 15 Oct 2026 18:00 pm
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बिलासपुर, 16 अक्टूबर 2026। 
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस वेटरन और युवाओं के बीच झूल रही है वेटरन के विदाई के बगैर राज्य में पार्टी की जीत नहीं हो सकती हम केवल टॉप के तीन नाम देखें। चरण दास महंत 71 साल, टीएस सिंह देव, 73 साल और भूपेश बघेल 65 साल। इन तीन नेताओं की आयु को एक तरफ रखकर हम सीधे आते हैं बिलासपुर जिले की टायकून सीट बेलतरा पर बेलतरा से टिकट के दावेदारों में सक्रिय एक नाम फिर से अनिल टाह का है और वे जीवन के 74 साल पूरे कर चुके हैं हम उनके दीर्घायु होने की कामना तो करते हैं पर राजनीति से तो सन्यास ले ले। जिले की राजनीति में एक समय वह भी था जब बिलासपुर की टिकट सर्वाधिक प्रतिष्ठा पूर्ण हुआ करती थी और बेलतरा की सीट को वैसी प्राथमिकता नहीं होती थी जैसी अब है। अब तो बिलासपुर की सीट जिले में तीसरे नंबर पर आती है और पहले नंबर पर बेलतरा वर्ष 2023 के चुनाव में याद करिए आरोपों के बीच यह भी आरोप लगा कि पार्टी में इस सीट की खरीद फरोख्त हों गई वह भी करोड़ों में, बेलतरा की विधानसभा सीट 126 शहरी मतदान केंद्र और 129 ग्रामीण मतदान केंद्र से मिलकर बनती है। दावेदारों में विजय केसरवानी हारे हुए, राजेंद्र चावला हारे हुए, डब्बू साहू हारे हुए की सूची है वहीं दूसरी ओर अंकित गौराहा, सिद्धाशू मिश्रा भी टिकट के दावेदार हैं वेटरन दावेदार अनिल टाह ने तो राजनीति का पराठा शेक दिया है। उन्होंने टिकट के लिए उसे परिवार से हाथ मिलाया इसके खिलाफ चुनाव लड़कर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। एक समय तक कांग्रेस में रहते हुए जोगी परिवार का छाता कांग्रेस परिवार छोड़कर जोगी परिवार की पार्टी ज्वाइन की और पहली बार बिलासपुर छोड़कर बेलतरा में चुनाव लड़े और कांग्रेस की हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी उन्होंने धीरे-धीरे अपने पैर जोगी परिवार से खींचकर वापस कांग्रेस में घुसा दिए और अब उसे परिवार का साथ लिया है टिकट के लिए इसके खिलाफ उन्होंने बिलासपुर से चुनाव लड़ा था। ऐसे संकेत कुछ दिन पूर्व तब दिखे थे जब वे श्रीकांत वर्मा के बेटे अभिषेक वर्मा से मिलने गए थे। इस बीच बेलतरा की राजनीति में विजय केसरवानी हारे हुए प्रत्याशी ने अपनी ही पार्टी के समानांतर संगठन चलकर नाक में दम कर रखा है और उन्हें इस पूरे खेल में पार्टी के ही पुराने पदाधिकारी का सहयोग भी मिल रहा है। 
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान यह स्पष्ट नजर आया। इन सब के बीच पार्टी में युवा नेतृत्व अपने तरीके से सक्रिय है। और इस युवा नेतृत्व की कमान देवेंद्र यादव विधायक मात्र 36 साल के हाथ में है। कहते हैं बिलासपुर के दोनों पदाधिकारी के साथ उनकी बेहतरीन केमिस्ट्री है। दावा तो यहां तक किया जाता है कि प्रदेश में ओबीसी मुख्यमंत्री हुआ तो पहला नाम देवेंद्र यादव का होगा और यदि आदिवासी वर्ग से मुख्यमंत्री हुआ तो नाम दीपक बैज होगा। दिल्ली के आंदोलन में भी इन दोनों ने सक्रिय भूमिका निभाई तो इस बार के विधानसभा चुनाव में बेलतरा बिलासपुर जिले की हॉटेस्ट टायकून सीट होगी क्योंकि बेलतरा में चुनावी खर्चा इस जिले की बाकी सीट से बहुत ज्यादा होगा और ये दांव पेज 26 से ही शुरू हो गए हैं।